पीएम मोदी का का दौरा निश्चित तौर पर सैनिकों का हौसला बढ़ाएगा। उन्हें पहले ही यहां का दौरा करना चाहिए था। चीनी घुसपैठियों को अपने बोरिया बिस्तर समेत हमारी जमीन छोड़कर चले जाना चाहिए- अधीर रंजन चौधरी, नेता, कांग्रेस
पीएम मोदी ने कहा- हम मुरली और सुदर्शन चक्र वाले भगवान कृष्ण को पूजते हैं, देखें वीडियो
लेह, लद्दाख से लेकर सियाचिन और करगिल तक...गलवां का बर्फीला पानी, हर पर्वत, इसकी हर चोटी भारतीय जवानों की बहादुरी की गवाह है- पीएम मोदी
मैं अपने सामने महिला सैनिक भी देख रहा हूं। सीमा पर जंग के हालात में ये देखना प्रेरणादायक है। आज मैं आपकी बहादुरी की बात करूंगा- पीएम मोदी
हमने सीमा पर इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास में तीन गुना बजट बढ़ा दिया है- पीएम मोदी
पीएम मोदी का भाषण, जवानों से क्या-क्या कहा
हम वो लोग हैं जो बांसुरी बजाने वाले भगवान कृष्ण की पूजा करते हैं, लेकिन हम वो लोग भी हैं जो भगवान कृष्ण को मानते हैं जिन्होंने सुदर्शन चक्र धारण किया था- पीएम मोदी
विस्तारवाद का युग खत्म हो गया है। ये युग है विकास का। इतिहास गवाह है कि विस्तारवादी ताकतें या तो लुप्त हो गईं या उन्हें वापस लौटना पड़ा- पीएम मोदी
जो लोग कमजोर हैं वे कभी भी शांति की बात नहीं कर सकते हैं। शांति के लिए बहादुरी की जरूरत होती है- पीएम मोदी
भारत माता के दुश्मनों ने आपके अंदर की आग और आक्रामकता देखी है- पीएम मोदी
आत्मनिर्भर भारत का संकल्प आपके त्याग, बलिदान, पुरुषार्थ के कारण और भी मजबूत होता है- पीएम मोदी
पीएम मोदी ने भाषण की शुरुआात में जवानों के सम्मान में कहा- जिनके सिंहनाद से धरती अब तक रही डोल, कलम आज उनकी जय बोल। साथ ही कहा कि आपने जिस तरह की बहादुरी दिखाई है, उससे दुनिया को भारत की ताकत का पता चला है।
बता दें कि गलवां घाटी में चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के साथ हिंसक झड़प में शहीद हुए 20 जवानों को श्रद्धांजलि देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा था कि भारत के वीर सपूतों ने दिखा दिया कि वे कभी भी मां भारती के गौरव को आंच नहीं आने देंगे। प्रधानमंत्री का यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन की सेना के बीच गतिरोध जारी है।
प्रधानमंत्री वापसी के लिए लेह हवाई अड्डे पहुंचे। बता दें कि वह सुबह अचानक लेह के निमू पहुंचे थे और यहां तैनात जवानों की हौसला अफजाई की थी। उनके साथ सेना प्रमुख और सीडीएस जनरल बिपिन रावत भी थे।
प्रधानमंत्री का अचानक लेह पहुंचना चीन और पाकिस्तान के लिए एक कड़ा संदेश माना जा रहा है। तनातनी के बीच लेह पहुंच कर उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया है कि वे असली कमांडर हैं, जो मुश्किल वक्त में जरूरत पड़ने पर फ्रंट में आने से नहीं चूकते। लेह में प्रधानमंत्री ने आईटीबीपी, वायु सेना और थल सेना के जवानों से मुलाकात कर उनकी हौसला अफजाई की और वरिष्ठ अधिकारियों से मौजूदा हालात के बारे में जानकारी ली।
लेह में ग्राउंड जीरो पर प्रधानमंत्री मोदी का औचक दौरा, चीन और पाकिस्तान दोनों को दिया कड़ा संदेश
चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियन ने कहा- भारत और चीन सीमा पर तनाव दूर करने के लिए सैन्य और कूटनीतिक स्तर पर बातचीत कर रहे हैं। किसी भी पक्ष को ऐसा कुछ नहीं करना चाहिए कि इस जगह पर हालात और बिगड़े।
सिंधु नदी के तट पर 11,000 फुट की ऊंचाई पर स्थित निमू सबसे दुर्गम स्थानों में से एक है। यह जंस्कार पर्वत श्रृंखला से घिरा हुआ है। मोदी ने रविवार को आकाशवाणी पर मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के जरिए देश को संबोधित करते हुए कहा था कि भारत ने लद्दाख में अपनी भूमि पर आंख उठाकर देखने वालों को करारा जवाब दिया है।
प्रधानमंत्री मोदी का आज लद्दाख जाकर सेना के जवानों से भेंट करके उनका उत्साहवर्धन करने से निश्चित रूप से सेना का मनोबल और ऊंचा हुआ है। मैं प्रधानमंत्री जी के इस कदम की सराहना करते हुए उन्हें धन्यवाद देता हूं : रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह
वैसे यह पहली बार नहीं है जब प्रधानमंत्री ने जवानों को सरप्राइज दिया हो। इससे पहले भी कई बार वह अचानक जवानों के बीच पहुंचे हैं। आज हम आपको बताते हैं कि प्रधानमंत्री ने कब-कब ऐसा किया है।
सीडीएस और सेनाध्यक्ष संग अचानक लद्दाख पहुंचे पीएम मोदी, जानें कब-कब चौंकाया
लद्दाख में नीमू में सैनिकों को संबोधित करने के बाद उनके साथ पीएम मोदी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लद्दाख पहुंचने के बाद उन्हें सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने निमू में हालात की जानकारी दी।
पीएम मोदी लद्दाख के निमू फॉरवर्ड पोस्ट पर पहुंचे। यहां पर वरिष्ठ अधिकारियों ने उन्हें हालात की जानकारी दी। पीएम मोदी ने सेना, वायुसेना के अफसरों से सीधे संवाद भी किया। पहले इस दौरे पर सिर्फ सीडीएस बिपिन रावत को ही आना था, लेकिन पीएम मोदी ने पहुंचकर सभी को चौंका दिया।