गलवां घाटी में खूनी झड़प के बाद भारत और चीन के बीच लगातार तीसरे दिन सैन्य कमांडरों की वार्ता बेनतीजा रही। मेजर जनरल स्तरीय वार्ता में भारत ने अपना पुराना रुख दोहराते हुए स्पष्ट किया कि तनाव टालने के लिए एलएसी पर पूर्व की स्थिति बहाल हो। सूत्रों के मुताबिक गुरुवार को तीन घंटे से ज्यादा हुई बातचीत में भारत ने हिंसक झड़प के लिए चीन को जिम्मेदार ठहराया।
भारत ने कहा, एलएसी पर पूर्व स्थिति बहाल करने के बाद तनाव खत्म करने पर बातचीत शुरू होनी चाहिए। वहीं, चीनी पक्ष ने एलएसी के उल्लंघन से इनकार करते हुए कहा कि गलवां घाटी में भारतीय सेना ने एलएसी पार की। इसके बाद बातचीत बिना किसी नतीजे के खत्म हो गई। इस दौरान भविष्य में सैन्य स्तर की बातचीत जारी रखने पर सहमति बनी।
अब भी जारी है दोनों देशों में बातचीत
श्रीवास्तव ने कहा, भारत और चीन के बीच संपर्क अभी टूटा नहीं है। अलग-अलग स्तर पर बातचीत जारी है। सैन्य स्तर के अलावा कूटनीतिक स्तर पर भी बातचीत चल रही है। इनमें सीमा मामलों पर परामर्श और समन्वय के लिए गठित कार्यसमिति की बैठक भी शामिल है। श्रीवास्तव ने बताया कि 21 जून को प्रस्तावित भारत-रूस-चीन के विदेश मंत्रियों की बैठक में भारतीय विदेश मंत्री शामिल हाेंगे। रूस की मेजबानी में हो रही बैठक में कोरोना से निपटने पर चर्चा होगी।