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India China: देपसांग और डेमचोक में टकराव के सभी बिंदुओं से क्या वापस लौट गए हैं सैनिक? भारत-चीन बॉर्डर की ये ह

Sat, 05 Apr 2025 02:00 PM IST
राहुल कुमार डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

India China: लोकसभा सदस्य एवं पूर्व किक्रेटर यूसुफ पठान ने सदन में विदेश मंत्रालय से वास्तविक नियंत्रण रेखा पर गश्त की व्यवस्था को लेकर सवाल पूछा था। जवाब में विदेश मंत्रालय की तरफ से बताया कि भारत और चीन ने 21 अक्तूबर 2024 को देपसांग और डेमचोक में भारत-चीन सीमावर्ती क्षेत्रों में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर गश्त व्यवस्था पर सहमति व्यक्त की है।
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भारत-चीन सीमा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा पर क्या चल रहा है। मौजूदा समय में देपसांग और डेमचोक में गश्त की क्या स्थिति है। क्या दोनों देशों के बीच टकराव के सभी बिंदुओं से सैनिकों को वापस बुला लिया गया है। क्या सीमा के उक्त क्षेत्रों में पशुओं की चराई फिर से शुरु हो गई है। शुक्रवार को लोकसभा में पूर्व किक्रेटर यूसुफ पठान ने विदेश मंत्रालय के समक्ष ऐसे ही सवाल रखे। जवाब में विदेश मंत्रालय की तरफ से बताया कि भारत और चीन ने 21 अक्तूबर 2024 को देपसांग और डेमचोक में भारत-चीन सीमावर्ती क्षेत्रों में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर गश्त व्यवस्था पर सहमति व्यक्त की है, जिसके परिणामस्वरूप अप्रैल-मई 2020 से टकराव के सभी बिंदुओं से सैनिकों को वापस बुला लिया गया है। 
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लोकसभा सदस्य एवं पूर्व किक्रेटर यूसुफ पठान ने सदन में विदेश मंत्रालय से वास्तविक नियंत्रण रेखा पर गश्त की व्यवस्था को लेकर सवाल पूछा था। पठान के तीन सवालों में पहला, क्या सरकार के पास हाल ही में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर गश्त की व्यवस्था के संबंध में चीन के साथ हुए समझौते के आंकड़े हैं। दूसरा, यदि हां तो उसका तत्संबंधी ब्यौरा क्या है। तीसरा, सैनिकों को प्रभावी ढंग से नियंत्रण रेखा से पीछे हटाने और भावी संघर्षों को रोकने के लिए किए जा रहे उपायों का ब्यौरा क्या है। 

विदेश राज्य मंत्री कीर्तवर्धन सिंह ने पठान के सवालों का जवाब देते हुए बताया, भारत और चीन ने 21 अक्तूबर 2024 को देपसांग और डेमचोक में भारत-चीन सीमावर्ती क्षेत्रों में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर गश्त व्यवस्था पर सहमति व्यक्त की है, जिसके परिणामस्वरूप अप्रैल-मई 2020 से टकराव के सभी बिंदुओं से सैनिकों को वापस बुला लिया गया है। यह भी सहमति व्यक्त की गई है कि गश्त कार्य और जहां भी लागू हो, इन दोनों क्षेत्रों में टकराव शुरु होने से पहले लंबे समय से चली आ रही परिपाटी के अनुसार, पशुओं की चराई फिर से शुरु की जाए। 
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विदेश राज्य मंत्री कीर्तवर्धन सिंह के अनुसार, यह करार तब से ही प्रभावी है और सहमत तौर-तरीकों एवं समय सीमा के अनुसार लागू किया गया है। अक्तूबर 2024 में सेना को वापस बुलाने के बाद से अनेक बैठकों में प्रभावी सीमा प्रबंधन और अमन एवं शांति बनाए रखने के उपायों पर चर्चा की गई है, जिसमें दिसंबर 2024 में विशेष प्रतिनिधियों की 23वीं बैठक और मार्च 2025 में भारत और चीन मामले संबंधी परामर्श और समन्वय के लिए कार्य तंत्र (डब्लूएमसीसी) की 33वीं बैठक शामिल है। 
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