इस बीच, सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे ने सोमवार को दिल्ली में सेना के शीर्ष कमांडरों के साथ सुरक्षा हालात पर चर्चा की। अब कमांडरों के सम्मेलन के दूसरे चरण के लिए सभी कमांडर राष्ट्रीय राजधानी में हैं। सेना के कमांडरों की कॉन्फ्रेंस 22 और 23 जून को हो रही है। इस दौरान उत्तरी और पश्चिमी मोर्चे पर सैन्य तैयारियों की समीक्षा होनी है।
चीन सीमा पर 32 सड़कें अब तेजी से बनेंगी
इस बीच केंद्रीय गृह मंत्रालय ने चीन से लगती सीमा पर सड़कों के निर्माण का काम तेज करने का फैसला किया है। गृह मंत्रालय की उच्चस्तरीय बैठक में भारत-चीन सीमा पर 32 सड़क परियोजनाओं की समीक्षा की गई और इनके काम में तेजी लाने और जल्द से जल्द परियोजनाओं को पूरा करने का फैसला लिया गया।
बैठक में सीमा सड़क संगठन (बीआरओ), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) और केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) के अधिकारियों ने भाग लिया। भारत एलएसी पर कुल 73 सड़कें बना रहा है। गृह मंत्रालय की निगरानी में इनमें से 12 सड़कें सीपीडब्ल्यूडी और 61 बीआरओ बना रहा है।
भ्रामक प्रचार मजबूत नेतृत्व का विकल्प नहीं: मनमोहन
देश की सुरक्षा, सीमा से जुड़े मसलों और रणनीति संबंधी मामलों में बयान देने से पहले प्रधानमंत्री को सावधान रहना चाहिए। ऐसे बयान चीन की साजिश को बढ़ावा दे सकते हैं। भ्रामक प्रचार कभी भी कूटनीतिक और मजबूत नेतृत्व का विकल्प नहीं हो सकता।-मनमोहन सिंह, पूर्व प्रधानमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता
पूर्व पीएम द्वारा एकजुटता की बात करना महज दिखावा है। ये शब्दों का खेल मात्र है। असलियत में कांग्रेस खुद सुरक्षाबलों का मनोबल गिरा रही है। इनके सुर हमेशा देशविरोधी रहे हैं। आज पूरे देश को पीएम मोदी पर भरोसा है। -जेपी नड्डा, भाजपा अध्यक्ष