चीन के साथ चल रहे सीमा विवाद के मद्देनजर भारतीय वायुसेना (आईएएफ) ने पाकिस्तान सीमा के साथ पश्चिमी मोर्चे पर स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमान (एलसीए) तेजस तैनात किए हैं। बता दें कि, तेजस अनेक भूमिकाओं को निभाने में सक्षम एक हल्का लड़ाकू विमान है।
सरकारी सूत्रों ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया, एलसीए तेजस को भारतीय वायुसेना द्वारा पश्चिमी सीमा पर पाकिस्तान सीमा के करीब तैनात किया गया है, ताकि वहां से होने वाली किसी भी संभावित कार्रवाई पर कड़ी निगरानी रखी जा सके। सूत्रों ने बताया, दक्षिणी वायु कमान के तहत सुलूर से बाहर पहले तेजस स्क्वाड्रन '45 स्क्वाड्रन (फ्लाइंग डैगर्स)' को एक ऑपरेशनल भूमिका में तैनात किया गया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के भाषण के दौरान स्वदेशी तेजस विमान की प्रशंसा की थी और कहा था कि एलसीए मार्क1ए संस्करण को खरीदने का सौदा जल्द ही पूरा होने की उम्मीद है।
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विमानों का पहला स्क्वाड्रन इनिशियल ऑपरेशनल क्लीयरेंस संस्करण का है, वहीं दूसरा 18 स्क्वाड्रन 'फ्लाइंग बुलेट्स' अंतिम ऑपरेशनल क्लीयरेंस संस्करण का है। इसका संचालन 27 मई को सुलूर एयरबेस में वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया ने किया था।
भारतीय वायुसेना और रक्षा मंत्रालय के इस वर्ष के अंत तक 83 मार्क1ए विमानों के लिए सौदे को अंतिम रूप देने की उम्मीद है। सीमा पर चीनी आक्रामकता के मद्देनजर, भारतीय वायुसेना ने अपनी हथियारों को चीन और पाकिस्तान दोनों सीमाओं पर तैनात किया है।
बल के फॉरवर्ड एयरबेसों को पश्चिमी और उत्तरी मोर्चों पर विषम परिस्थितियों से निपटने के लिए तैयार किया गया है। हाल के दिनों में इन एयरबेसों पर व्यापक उड़ान संचालन देखा गया है, यहां दिन और रात में हवाई अभियान चलाए गए हैं।