न्यू ऑस्ट्रियन टनलिंग मेथड का इस्तेमाल
उन्होंने बताया कि तीस्ता के पास स्थित यह टनल यंगर हिमालय की अतिसंवेदनशील और चुनौतीपूर्ण भूगर्भीय और भूकंपीय स्थितियों से होकर गुजरती है। यहां नवीनतम और सबसे सॉफिस्टिकेटेड टनलिंग तकनीक यानी न्यू ऑस्ट्रियन टनलिंक मेथड (एनएटीएम) का उपयोग किय गया है।
अब तक 11 किलोमीटर की लाइनिंग पूरी
वर्तमान में टनल टी-14, टी-09 और टी-02 में अंतिम लाइनिंग पूरी हो चुकी है और टनल टी-03, टी-05, टी-06, टी-07, टी-08, टी-10, टी-11 और टी-12 का कार्य प्रगति पर है। अब तक कुल 11.96 किलोमीटर लाइनिंग पूरी हो चुकी है। सभी सेक्शनों में दिन-रात कार्य चल रहा है।
बंगाल से दो घंटे में सिक्किम, सेना को होग फायदा
यह भारत में चल रही सबसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय परियोजनाओं में से एक है और इस परियोजना के पूर्ण होने पर, पहली बार सिक्किम राज्य रेलवे से जुड़ जाएगा। दो घंटे में बंगाल से सिक्किम पहुंच जाएंगे। इसका उद्देश्य सिक्किम राज्य को वैकल्पिक कनेक्टिविटी प्रदान करना है। इससे सिक्किम में पर्यटन को जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही सीमा पर तैनात भारतीय सेना तक उनकी जरूरत के सारे सामान तेजी से पहुंचाया जा सकेगा।
परियोजना पर एक नजर