पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए भारत और चीन के बीच सैन्य स्तर की छठे दौर की बातचीत अगले हफ्ते होगी। तनाव कम करने की दिशा में अब तक नाकाम रही पांच दौर की सैन्य स्तर की वार्ता को पटरी पर लाने की कोशिशों में दोनों तरफ से तेजी के संकेत मिल रहे हैं। भारत और चीन के कोर कमांडर की इस बातचीत के लिए चीन की तरफ से पहल की गई है।
उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक, मास्को में 9 से 11 सितंबर के बीच शंघाई कोऑपरेशन आर्गनाइजेशन (एससीओ) के विदेश मंत्रियों के सम्मेलन में विदेश मंत्री एस जयशंकर और चीन के विदेश मंत्री वांग यी की मुलाकात और एलएसी विवाद पर बातचीत संभव है।
इससे पहले भारत और चीन सैन्य स्तर की बातचीत में सकारात्मक माहौल बनाने के पक्ष में हैं। सूत्रों के मुताबिक, चीन में भारत के राजदूत बिक्रम मिसरी की चीन के राजनीतिक और सेना के उच्च अधिकारियों के साथ हुई बातचीत से सकारात्मक संकेत मिले हैं। 20 अगस्त को वर्किंग मैकेनिज्म स्तर की बातचीत में कोर कमांडर वार्ता को लेकर खाका तैयार हुआ है।
उम्मीद जताई जा रही है कि इस बातचीत में सीमा पर जारी गतिरोध टूटेगा। चीन के विदेश मंत्री यी विशेष प्रतिनिधि भी हैं। भारत के विशेष प्रतिनिधि एनएसए अजीत डोभाल और यी की बातचीत के बाद चीन गलवां और हॉट स्प्रींग समेत सभी तनावग्रस्त इलाके से पीछे हटने को तैयार हो गया था। लेकिन बाद में चीन अपनी सहमति से पीछे हट गया।