पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर तनाव जारी रहने की स्थिति में सेना की सप्लाई चेन निर्बाध रखने के लिए सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने कमर कस ली है। सर्दियों में लद्दाख का तापमान शून्य से काफी नीचे चला जाता है। ऐसे में दौलत बेग ओल्डी (डीओबी) और पैंगोंग को जोड़ने वाली सड़कों को ज्यादा से ज्यादा दिन खोले रखने की तैयारी है। इसके तहत श्रीनगर- जोजिला-करगिल-लेह एक्सिस रोड औसतन 95 दिन की जगह अब 45 दिन ही बंद रहेगी।
बीआरओ ने पैंगोंग को जोड़ने वाली 17,000 फीट से ऊंची चांगला पास और खरदुंगला पास को बर्फ से मुक्त रखने के तकनीकी इंतजाम कर लिए हैं। नवनिर्मित दारचा-पदम-नीमू-लेह सड़क दिसंबर-जनवरी में भी बर्फ से मुक्त रखी रहेगी, ताकि चीनी सेना के किसी दुस्साहस के समय सप्लाई चेन बरकरार रहे। इस रूट पर श्रींकुला दर्रे के पास सुरंग बनाने को भी हरी झंडी मिल गई है।
रक्षा मंत्रालय की तैयारी है कि दौलत बेग ओल्डी- दिरबुक-स्वांक रोड के सभी पुल 15 अक्तूबर तक क्लास 70 स्तर तक कर लिए जाएं, ताकि जरूरत पड़ने पर इनसे बड़े से बड़ा टैंक पूरे लोड के साथ पार हो सके। इसी सड़क के निर्माण के आखिरी चरण में गलवां हिंसक वारदात से पहले चीनी सेना ने रुकावट पैदा करने की कोशिश की थी। डीओबी में सेना के अहम ठिकाने और डेपसांग में व्याप्त तनाव के लिहाज से यह काफी अहम है। सूत्रों के मुताबिक लद्दाख सेक्टर में करीब 50,000 सैनिक तैनात हैं।