भारत और चीन के बीच लद्दाख सीमा पर तनाव चरम पर पहुंच गया है। सोमवार रात को पूर्वी लद्दाख की गलवां घाटी में सेनाओं के पीछे हटने की प्रक्रिया के दौरान दोनों तरफ से हिंसक झड़प हुई। इसमें एक भारतीय सेना का एक अधिकारी और दो जवान शहीद हो गए। यह वही गलवां घाटी है, जहां साल 1962 में चीन ने भारत को धोखा दिया था और युद्ध छिड़ गया था।
गलवां घाटी लद्दाख का क्षेत्र है, यहां पर गलवां नदी बहती है। साल 1962 में दोनों देशों के बीच हुए युद्ध में भारत-चीनी सैनिकों के बीच यहीं टकराव हुआ था। चीनी सेना हमेशा से ही विवादित क्षेत्रों में टेंट लगाकर उकसावे का काम करती रही है। हाल ही में चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) ने ऐसा करने की कोशिश को तो भारतीय पक्ष ने उसे रोका, जिसे लेकर दोनों पक्षों में झड़प हुई थी।
58 साल पहले इसी घाटी में भारत और चीन के बीच युद्ध हुआ था। ऐसे में एक बार फिर उसी जगह पर दोनों के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। कुछ दिन पहले ही दोनों देशों ने वार्ता के जरिए विवाद को सुलझाने का प्रयास किया था, लेकिन इसका कोई परिणाम सामने नहीं आया है।