लद्दाख में जारी सीमा विवाद के बीच चीन लगातार बयानबाजी कर रहा है। चीन की तरफ से इस मुद्दे पर भारत को आरोपी बताया जा रहा है। बीजिंग का कहना है कि सीमा पर स्थिति बिगाड़ने की पूरी जिम्मेदारी भारत की है। वहीं, चीन ने इस विवाद पर तिब्बत और अमेरिका के एंगल की भी बात रखी।
चीनी विदेश मंत्रालय ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि भारत ने सीमा पर समझौते का उल्लंघन किया और वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) को पार कर इस ओर आ गया। गौरतलब है कि भारत ने चीन के इन आरोपों को सिरे से नकार दिया है।
पैंगोंग झील इलाके में भारतीय सेना ने बदली स्थिति
भारतीय सेना के सूत्रों ने बताया है कि 30 अगस्त को हुई एहतियाती तैनाती के हिस्से के रूप में, एलएसी के हमारी तरफ पैंगोंग त्सो झील के उत्तरी किनारे पर हमारी स्थिति में कुछ फेरबदल को अंजाम दिया गया था।
तिब्बती लोगों का सीआईए से संबंध: चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता
इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता शुनयिंग से पूछा गया कि क्या भारतीय सैनिकों की मदद के लिए तिब्बती लोग भी आगे आए थे। इस पर प्रवक्ता आग बबूला हो गईं और संवाददाता से कहा कि इस सवाल का जवाब आपको भारत से पूछना चाहिए।
उन्होंने कहा कि चीन को इस बात की स्पष्ट जानकारी है कि तिब्बती लोगों और अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए के बीच लंबे समय से संबंध रहे हैं। प्रवक्ता ने कहा कि चीन भारत के साथ-साथ उन सभी देशों का विरोध करता है, जो तिब्बती लोगों को अपने देश में शरण देते हैं।
भारत ने तनाव की स्थिति पैदा की
चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता ने कहा कि भारत की तरफ से सीमा मुद्दे पर सफाई दी जाती रही है और वह खुद को पाक साफ बताने में जुटा हुआ है। लेकिन शनिवार को हुई कार्रवाई का असल कसूरवार भारत था, उसने ही सीमा समझौते को तोड़ा और तनाव की स्थिति को पैदा किया।
भारत को आक्रामक कार्रवाई से बचने को कहा गया
सीमा पर जारी तनाव की स्थिति को लेकर चीनी विदेश मंत्रालय ने भारत पर आरोप लगाते हुए कहा कि नई दिल्ली लगातार सीमा पर स्थिति को बिगाड़ने में जुटा हुआ था। वर्तमान में जारी सीमा विवाद का पूरा जिम्मेदार भारत है। चीन के विदेश मंत्रालय ने दावा किया कि उनकी तरफ से राजनीतिक और सैन्य स्तर पर भारत से बातचीत की गई है और किसी तरह की आक्रामक कार्रवाई से बचने को कहा गया है।
इससे पहले, चीन के विदेश मंत्रालय ने लद्दाख की पेंगोंग त्सो झील के किनारे हुई झड़प पर अपना बयान जारी कर कहा था, 'चीनी सैनिकों ने हमेशा वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) का कड़ाई से पालन किया है और कभी भी रेखा को पार नहीं किया है। दोनों देशों की सीमा के सैनिक इस क्षेत्र के मुद्दों पर आपस में बातचीत करते रहे हैं।'