भारत-चीन-तुर्की के इस समझौते के बाद हो सकता है हवाई किराया कम
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इंडियन एयरलाइंस अपना हवाई नेटवर्क बढ़ाने के लिए जल्द ही चीन और तुर्की से द्विपक्षीय वार्ता कर सकता है। इस वार्ता के सफल होने से भारत के पास फ्लाइट के विकल्प ज्यादा हो जाएंगे। खबर है कि तुर्की और चीन लंबे समय से भारत से इस ओर बैठक करने का प्रयास कर रहे हैं। इस समझौते के तहत हवाई यात्रियों को भी फायदा मिलेगा।
विमानन मंत्रालय के आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक ये निर्णय लिया गया है कि वे इस ओर द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ाएंगे। सूत्रों ने इस बात का उदाहरण भी दिया कि पिछले तीन सालों से जब एयर ट्रैफिक 7 प्रतिशत की दर से साल दर साल बढ़ रहा था तो भारत के चीन और तुर्की के साथ द्विपक्षीय संबंधों में भी बढ़ोतरी देखी जा सकती है।
वहीं, केग ने कांग्रेस नीत यूपीए सरकार पर भारत के कई देशों के साथ फ्लाइंग अधिकारों को उदार करने पर सवाल उठाया है जिसमें खाड़ी के देश को विशेषतोर पर रखा गया है। लेकिन, केग मोदी सरकार की तारीफ करते हुए है कहती है कि सरकार की समझदारी से 80 प्रतिशत तक की उपयोगिता फ्लाइंग अधिकार के जरिए देखी गई है जो कि सीधे तौर पर चीन को प्रभावित करती है। इस अनौपचारिक नियम से चीन की एयर ट्रैफिक ग्रोथिंग भी प्रभावित हो रही है जहां से भारत के लिए कई एयरलाइंस आती हैं लेकिन भारत की ओर से फ्लाइट केवल तुर्की ही जाती है। जिससे कारण भारत को फायदा होता नजर आ रहा है।
वहीं, दक्षिणी, पू्र्वी चीन और एयर चाइना हवाई यात्रियों को जोड़ने के लिए उन यात्रियों के किराए में कमी कर रही है जो भारत और वेस्ट कोस्ट ऑफ अमेरिका के बीच उड़ान भरते हैं और यहीं वजह है जिसके कारण उन्हें इसमें बड़ा फायदा हुआ है।