भारत और चीन के बीच हुई झड़प में हमीरपुर जिले के 21 साल के अंकुश ठाकुर शहीद हुए हैं। अंकुश की शहादत की खबर सेना मुख्यालय से ग्राम पंचायत कड़ोहता को फोन पर दी गई। इसके बाद हमीरपुर जिले में मातम पसर गया। शहीद अंकुश ठाकुर साल 2018 में पंजाब रेजीमेंट में भर्ती हुए थे। 10 माह पहले ही अंकुश ने ट्रेनिंग पूरी कर सेना ज्वाइन की थी।
कुंदन के कुमार छह और चार साल के दो बेटे
पूर्वी लद्दाख की गलवां घाटी में भारत और चीन के जवानों के बीच हुई झड़प में बिहार के सिपाही कुंदन कुमार भी शहीद हो गए। कुंदन कुमार बिहार के सहरसा जिले के बिहरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आरन गांव के रहने वाले थे। उनकी शहादत की खबर के बाद से उनके परिवारजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं, कुंदन कुमार के पिता ने कहा कि उन्हें अपने बेटे की शहादत पर गर्व है। मेरे बेटे ने राष्ट्र के लिए अपना बलिदान दिया। मेरे दो पोते हैं, मैं उन्हें भी सेना में भेजूंगा। 2012 में कुंदन सेना में शामिल हुए थे और 2013 में उनकी शादी हुई थी। कुंदन के छह और चार साल के दो बेटे हैं।
बेटी का चेहरा भी नहीं देख पाए कुंदन
हिंसक झड़प में कुंदन कुमार ओझा (26) शहीद हुए हैं। शहीद कुंदन झारखंड के साहेबगंज जिले के डिहारी गांव के रहने वाले थे। शहीद कुंदन के दो भाई और एक बहन हैं। 18 दिन पहले ही उनकी बेटी का जन्म हुआ है, लेकिन कुंदन अपनी बेटी का चेहरा तक नहीं देख पाए।
21 साल के गणेश
झारखंड के बहरागोड़ा ब्लॉक के कोसाफलिया निवासी गणेश हांसदा भी शहीद हुए हैं। उनकी उम्र 21 साल थी। शहीद गणेश के परिजन के अनुसार मंगलवार रात उन्हें लेह से फोन आया था और सूचना दी गई। शहीद गणेश के बड़े भाई दिनेश हांसदा ने बताया कि करीब दो सप्ताह पहले गणेश की घरवालों से बात हुई थी।