वक्त का तकाजा सब कुछ बदल देता है। 27 फरवरी को यही हुआ। महज छह घंटे के भीतर भारत पाकिस्तान के बीच में युद्ध जैसे बन रहे तनाव के हालात की स्क्रिप्ट बदल गई। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान खान ने एक बार फिर भारत के साथ बातचीत की पेशकश की और भारत ने पाकिस्तान के नई दिल्ली में तैनात कार्यवाहक उच्चयुक्त को तलब करके पड़ोसी देश के प्रस्ताव पर विचार करने का संदेश दे दिया है। बताते हैं भारत ने इस रणनीति पर काफी विचार करके निर्णय लिया है और अब दोनों देशों के बीच में रिश्तों में सामान्य हालात की बहाली के संकेत दिखने लगे हैं।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने बताया कि 26 फरवरी को भारत ने पाकिस्तान से संचालित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के बालाकोट अड्डे पर हवाई हमला किया था। यह असैन्य हमला जैश द्वारा भारत पर और आतंकी हमला किए जाने की विश्वसनीय सूचना पर आधारित था।
भारत की कार्रवाई आतंकवाद के खिलाफ थी। रवीश कुमार ने कहा कि इसके जवाब में पाकिस्तान ने आज सुबह अपनी वायुसेना का इस्तेमाल करके भारतीय वायु सीमा का उल्लंघन किया। लेकिन हमारी वायुसेना उच्च स्तर पर सतर्क थी। हमने पाकिस्तान के फाइटर जेट एफ-16 को मार गिराया, जो उनकी सीमा में जा गिरा। इस दौरान भारत ने भी अपना एक मिग-21 फाइटर जेट खोया है और हमारा एक फाइटर पायलट लापता है।
रवीश कुमार के इस वक्तव्य के थोड़ी देर बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री का वक्तव्य आया। उन्होंने भारत के साथ बातचीत का प्रस्ताव रखा और सूत्र बताते हैं कि नई दिल्ली ने इस्लामाबाद को उसके प्रस्ताव पर विचार करने का भरोसा दिया है। इमरान खान का कहना है कि भारत अपनी जमीन पर हुए आतंकी हमले में पाकिस्तान के आतंकियों का हाथ होने का सबूत दे और वह निश्चित रूप से उनके विरुद्ध कार्रवाई करेंगे। इमरान खान ने कहा कि पाकिस्तान न केवल पुलवामा पर हुए हमले बल्कि आतंकवाद के मुद्दे पर भी बातचीत को तैयार है।