पुलवामा हमले और बालाकोट में आतंकी कैंप पर सर्जिकल स्ट्राइक ने भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव को चरम पर पहुंचा दिया है। लेकिन भारत के लिए एक घटना ने चिंता को बढ़ा दिया है। मिग 21 के पायलट पाकिस्तान की कैद में आ गए जिसने हालात को और बिगाड़ दिया है।
इसे लेकर देश में तीखी प्रतिक्रिया हुई है और भारत सरकार ने भी पाकिस्तान के समक्ष तीखा विरोध दर्ज कराया है। भारत ने पाकिस्तान से अपने पायलट को जल्द सकुशल लौटाने को कहा है। भारत ने कहा है कि पायलट के साथ किसी तरह की बदसलूकी जिनेवा संधि का उल्लंघन होगा।
भारत ने पाकिस्तान से कहा है कि वह मिग-21 पर हमले के दौरान लापता हुए उसके पायलट की तुरंत और सुरक्षित रिहाई सुनिश्चित करे। भारत ने पायलट के फोटो और वीडियो बांटने पर भी आपत्ति जताई है। विदेश मंत्रालय की तरफ से जारी बयान में यह कहा गया कि वीडियो में घायल भारतीय वायुसेना के जवान को दिखाया जाना अशोभनीय था और अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार और जेनेवा संधि के नियमों के खिलाफ है।
भारत ने कहा कि पाकिस्तान इस बात को सुनिश्चित करें कि वायुसेना के पायलट को हिरासत में किसी तरह का नुकसान न पहुंचाया जाए। पाकिस्तान पर इसका असर भी हुआ। उसने ट्विटर पायलट की तस्वीर पोस्ट की और कहा कि जिनेवा संधि का पूरा पालन किया जा रहा है। हालांकि, पाकिस्तान का ये कदम भी जिनेवा संधि को मानने की मजबूरी दिखाता है। अतीत में पाकिस्तान कई बार भारतीय जवानों और पायलटों के साथ अमानवीयता बरत चुका है।
1999 में करगिल युद्ध के दौरान पाकिस्तान ने लापता पायलट अजय आहूजा को गोली मार दी थी। इसी तरह कैप्टन सौरभ कालिया को भी पाकिस्तानी सेना ने यातना देकर मारा था। इस तरह देखा जाए को पाकिस्तान का इतिहास और रवैया भारतीय सैनिकों के प्रति बेहद क्रूर रहा है। हालांकि, इस बार भारत सरकार के तेवर बेहद सख्त हैं। सेना की कार्रवाई की पूरी तरह छूट दी गई है। अगर पायलट की रिहाई में आनाकानी हुई तो भारत और सख्त कदम उठा सकता है।