Census 2027: देश में 16 साल बाद जनगणना कराई जाएगी। पूरे भारत में करीब 34 लाख कर्मियों के कंधे पर इस प्रक्रिया का जिम्मा होगा। लोगों से जाति का भी सवाल पूछा जाएगा। आज रजिस्ट्रार जनरल मृत्युंजय नारायण ने तारीख और प्रक्रिया के बारे में विस्तार से सबकुछ समझाया। अमर उजाला की इस रिपोर्ट में ग्राफिक्स से पाएं जनगणना से जुड़े लगभग हर सवाल के जवाब
16 साल बाद हो रही जनगणना का जिम्मा 30 लाख कर्मियों को दिया गया है। पहली बार जाति का भी सवाल शामिल है। जनगणना के इस देशव्यापी अभियान के बारे में आज भारत के महापंजीयक (आरजीआई) और जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नागरिकों की जानकारी गोपनीय रखी जाएगी। ऑनलाइन ब्योरा भरने के लिए उन्हें 15 दिनों का डिजिटल विंडो दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनगणना की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। पहले चरण में घरों की गणना (हाउसलिस्टिंग) होगी। हाउसिंग जनगणना (एचएलओ) का काम अप्रैल से कई राज्यों में शुरू होगा। पहाड़ी और दुर्गम इलाकों में अतिरिक्त समय दिया जाएगा।
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राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में जनगणना कब?
जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने बताया कि व्यक्तिगत डेटा गोपनीय रहेगा। इसका उपयोग किसी भी योजना के लाभ के लिए या साक्ष्य के रूप में नहीं किया जा सकेगा। 16वीं जनगणना का पहला चरण अप्रैल में दिल्ली सहित कुछ राज्यों में शुरू होने वाला है। दिल्ली में जनगणना 16 अप्रैल से 15 मई तक आयोजित की जाएगी।