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India-Canada Ties: 'ट्रूडो को मिली गलत-सियासत प्रेरित सलाह', पूर्व राजदूत ने RCMP आयुक्त के बयान पर खुशी जताई

Sat, 21 Mar 2026 11:26 PM IST
Shivam Garg न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।

सार

भारत-कनाडा विवाद के बीच पूर्व उच्चायुक्त संजय वर्मा ने निज्जर मामले पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने ट्रूडो के आरोपों को गलत सलाह का नतीजा बताते हुए सबूतों की कमी पर गंभीर सवाल उठाए हैं। जानिए और क्या कहा?

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संजय वर्मा (फाइल) - फोटो : Amar Ujala Graphics
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विस्तार
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भारत और कनाडा के बीच चल रहे कूटनीतिक तनाव के बीच कनाडा में भारत के पूर्व उच्चायुक्त संजय कुमार वर्मा ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने खालिस्तानी अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या को लेकर भारत पर लगाए गए आरोपों को लेकर पूर्व कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की आलोचना की है।
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वर्मा ने कहा कि इस तरह के गंभीर आरोपों को सार्वजनिक रूप से उठाना ट्रूडो को दी गई गलत सलाह का परिणाम था। उनका यह बयान उस समय आया है जब कनाडा की राष्ट्रीय पुलिस के प्रमुख माइक डुहेम ने साफ किया कि इस मामले में भारतीय राज्य की संलिप्तता के कोई ठोस सबूत नहीं मिले हैं।

‘विश्वसनीय आरोप’ पर उठे सवाल
वर्मा ने ट्रूडो के विश्वसनीय आरोप वाले दावे को भ्रामक बताते हुए कहा कि बिना ठोस प्रमाण के इस तरह का बयान देना उचित नहीं था। उन्होंने सवाल उठाया कि जब कानूनी कार्रवाई के लिए पर्याप्त साक्ष्य ही नहीं थे, तो इस मुद्दे को संसद में क्यों उठाया गया। उन्होंने कहा कि आरोप और सबूत में बड़ा अंतर होता है और किसी भी जिम्मेदार नेतृत्व को इस अंतर को समझना चाहिए।
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RCMP के दावों पर भी निशाना
पूर्व उच्चायुक्त ने रॉयल कनाडाई माउंटेड पुलिस (RCMP) के उस दावे का भी जिक्र किया, जिसमें भारतीय एजेंटों को कथित सीमा पार गतिविधियों से जोड़ने की बात कही गई थी। वर्मा ने कहा कि यदि ऐसे दावे मजबूत थे, तो अब तक कानूनी कार्रवाई क्यों नहीं की गई। उन्होंने इस पूरे मामले को तर्क और अंतरराष्ट्रीय कानून के नजरिए से देखने की जरूरत पर जोर दिया।

दो हिस्सों में बंटा मामला
वर्मा के अनुसार, कनाडाई एजेंसियों ने इस विवाद को दो हिस्सों में बांटा है। पहला हिस्सा निज्जर की हत्या से जुड़ा है, जिसमें चार भारतीय नागरिकों पर आरोप तय किए गए हैं और मामला अदालत में विचाराधीन है। दूसरा हिस्सा कथित सीमा पार दमन और अपराधों से संबंधित है, जिसे लेकर अभी तक कोई ठोस कड़ी सामने नहीं आई है।

कनाडा पुलिस प्रमुख के बयान से भारत की स्थिति का समर्थन
कनाडा में भारत के पूर्व उच्चायुक्त संजय वर्मा ने कनाडा पुलिस प्रमुख की हालिया टिप्पणी का स्वागत किया है। इस टिप्पणी में भारतीय राज्य और खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बीच कोई संबंध नहीं बताया गया है। वर्मा ने इसे भारत के लंबे समय से चले आ रहे रुख का समर्थन बताया है।

एएनआई को दिए एक साक्षात्कार में वर्मा ने कहा कि कनाडाई राष्ट्रीय पुलिस प्रमुख के बयान ने दो पहलुओं को स्पष्ट रूप से अलग किया है। पहला निज्जर की हत्या से संबंधित आपराधिक मामला है। दूसरा सीमा पार दमन या विदेशी हस्तक्षेप के व्यापक आरोप हैं। वर्मा ने बताया कि चार आरोपी व्यक्ति छात्र के रूप में कनाडा गए थे। उनका मुकदमा चल रहा है और कानूनी प्रक्रिया को स्वतंत्र रूप से आगे बढ़ना चाहिए।

राजनयिक तनाव और आरोपों का खंडन
भारत और कनाडा के बीच 2023 में राजनयिक तनाव बढ़ गया था। तत्कालीन कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने भारतीय एजेंटों पर निज्जर की हत्या में शामिल होने का आरोप लगाया था। कनाडा ने भारतीय उच्चायुक्त और अन्य राजनयिकों को पर्सन ऑफ इंटरेस्ट बताया। भारत ने इन दावों को दृढ़ता से खारिज करते हुए इन्हें बेतुके आरोप और ट्रूडो सरकार के राजनीतिक एजेंडे का हिस्सा बताया। इसके बाद वर्मा और पांच अन्य राजनयिकों को नई दिल्ली ने वापस बुला लिया था। वर्मा ने इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया था।

भविष्य के संबंधों पर उम्मीद
पूर्व उच्चायुक्त वर्मा ने कनाडाई अधिकारियों के हालिया स्पष्टीकरण पर संतोष व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि भारत की नीति किसी अन्य देश के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करना नहीं है। वर्मा ने खुशी जताई कि अब कोई विदेशी इकाई, जिसमें भारत भी शामिल है, से कोई संबंध नहीं दिख रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह विकास भारत और कनाडा के संबंधों को बेहतर बनाएगा। दोनों देशों ने संबंधों को सामान्य बनाने के लिए लगातार काम किया है, जिसमें मार्क कार्नी की भारत यात्रा भी शामिल है।
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