तीन दिवसीय दौरे पर मंगलवार को इजरायल पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति रुवेन रिवलिन से मुलाकात की। मुलाकात के बाद इजरायली राष्ट्रपति ने कहा कि मैं अपनी भारत यात्रा कभी नहीं भूल सकता हूं।हमारी दोस्ती का नया मंत्र है आई-टू-आई, यानि इंडिया फॉर इजरायल।
गौरतलब है कि मोदी इजरायल यात्रा पर जाने वाले वह पहले भारतीय प्रधानमंत्री हैं। पीएम की इजरायल यात्रा पर सभी देशों की निगाहे जमी हुई हैं। मोदी का इजरायल दौरा दोनों देशों के रिश्ते को एक नई धार देगा।
LIVE UPDATES-
> इजरायल में अपनापन महसूस कर रहा हूं-मोदी
> राष्ट्रपति प्रोटोकॉल तोड़कर स्वागत के लिए आए इसके लिए उनका आभारी हूं- मोदी
> इजरायल के स्वागत से अभिभूत हूं- मोदी
> भारत एक मजबूत देश है, मोदी से मिलकर खुशी हुई- इजरायली राष्ट्रपति
> प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इजरायली दौरा सराहनीय है- इजरायली राष्ट्रपति
> लोकतंत्र के बड़े नेता है मोदी- इजरायली राष्ट्रपति
बता दें कि मोदी का यह दौरा आपसी रिश्तों को मजबूत करने के साथ ही भारत की सैन्य क्षमता को लिए भी मददगार साबित होगा। पीएम मोदी ने इजरायल से आतंकवाद के खिलाख लड़ने में आपसी सहयोग की बात कही है। इजरायल से पीएम मोदी की यात्रा के बाद भारत को लड़ाकू ड्रोन मिलने की पूरी उम्मीद है। जिसकी मदद से भारत दुश्मनों को घर बैठे खत्म कर सकेगा। इस ड्रोन की खास बात यह है कि यह 370 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से उड़ते हुए अटैक कर सकता है। इसके साथ ही यह 7400 किलोमीटर की रेंज तक निशाना लगा सकता है
जानकारी के मुताबिक मोदी के दौरे पर इजरायल के साथ 10 हेरॉन टीपी ड्रोन को लेकर बड़ी डील होने वाली है। इसके लिए 400 मिलियन डालर का करार हो सकता है। इजराइल यात्रा के दौरान मोदी का भले ही कोई रक्षा समझौता न हो लेकिन दोनों के बीच अंदरखाने कुछ बेहद एडवांस मिसाइल सिस्टम और नए हथियारों के सौदे पर परदे के पीछे यानि की गुपचुग तरीके से बातचीत हो सकती है।
भारत के लिए इजरायल लड़ाकू ड्रोन बहुत महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। हेरॉन-टीपी लड़ाकू ड्रोन हवा से जमीन पर टारगेट तबाह करने वाली मिसाइलों से लैस होंगे। हेरॉन-टीपी लड़ाकू ड्रोन्स एक टन से ज्यादा भारी विस्फोटक लेकर 45 हजार फीट तक की ऊंचाई तक उड़ान भर सकते हैं।
पीएम के इस दौरे में सिक्यूरिटी टेक्नोलॉजी पर भी अंदरखाने कोई समझौता हो सकता है। भारत आतंकवादियों के बीच होने वाली बातचीत को बीच में ही रोक कर पता लगाने वाला कम्यूनिकेशन सॉफ्टवेयर खरीदना चाहता है। इजराइल से वह यह सौदा मंजूर कराना चाहता है। हालांकि भारत और इजराइल एक दूसरे के साथ आतंकवादियों और दुश्मन देशों से जुड़ी सूचनाएं साझा करता रहा है।