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India Pakistan Tension: क्या तुर्किये-अजरबैजान से व्यापारिक संबंध तोड़ेगा भारत? जानें आयात-निर्यात के आंकड़े

Thu, 15 May 2025 07:24 AM IST
दीपक कुमार शर्मा अमर उजाला ब्यूरो/एजेंसी, नई दिल्ली

सार

पाकिस्तान का समर्थन करने के बाद भारत में तुर्किये के उत्पादों और पर्यटन का बहिष्कार करने की मांग उठने लगी है। भारतीय कारोबारियों ने तुर्किये के सेब और संगमरमर जैसे उत्पादों का बहिष्कार करना शुरू कर दिया है। साथ ही, ईजमाईट्रिप और इक्सिगो जैसे ऑनलाइन ट्रैवल प्लेटफॉर्म ने तुर्किये एवं अजरबैजान की यात्रा नहीं करने की चेतावनी जारी करते हुए इन दोनों की बुकिंग बंद कर दी है।
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निर्यात (सांकेतिक) - फोटो : Istock
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विस्तार
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भारत की ओर से पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर हमले की निंदा करने एवं इस्लामाबाद का समर्थन करने के बाद नई दिल्ली का तुर्किये और अजरबैजान के साथ व्यापारिक संबंधों में तनाव आने की आशंका है। इस बात की भी आशंका जताई जा रही है कि भारत इन देशों से व्यापारिक संबंध खत्म भी कर सकता है।

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पाकिस्तान का समर्थन करने के बाद भारत में तुर्किये के उत्पादों और पर्यटन का बहिष्कार करने की मांग उठने लगी है। भारतीय कारोबारियों ने तुर्किये के सेब और संगमरमर जैसे उत्पादों का बहिष्कार करना शुरू कर दिया है। साथ ही, ईजमाईट्रिप और इक्सिगो जैसे ऑनलाइन ट्रैवल प्लेटफॉर्म ने तुर्किये एवं अजरबैजान की यात्रा नहीं करने की चेतावनी जारी करते हुए इन दोनों की बुकिंग बंद कर दी है।  दरअसल, भारत ने 22 अप्रैल को कश्मीर के पहलगाम में बर्बर आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान और उसके कब्जे वाले कश्मीर में 9 आतंकी ठिकानों को नष्ट करने के लिए 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था। संघर्ष के दौरान पाकिस्तान ने भारतीय सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने के अपने असफल प्रयास में तुर्किये के ड्रोन का इस्तेमाल किया था। साथ ही, तुर्किये और अजरबैजान दोनों देशों ने पाकिस्तान और उसके कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी ठिकानों पर भारत के हमले की निंदा की थी। सक्रिय रूप से मदद करने वाले देशों का बहिष्कार करना चाहिए। राष्ट्र पहले के सिद्धांत को हमारे व्यापार, निवेश और कूटनीतिक संबंधों का मार्गदर्शन करना चाहिए। साथ ही कहा, देशभक्त नागरिकों को राष्ट्रीय हित और भारतीय सैनिकों के साथ एकजुटता में तुर्किये के उत्पादों, यात्रा एवं सांस्कृतिक निर्यात का बहिष्कार करना चाहिए।

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भारत के निर्यात पर नहीं पड़ेगा असर
तुर्किये और अजरबैजान के साथ व्यापारिक संबंध खत्म करने से भारत के निर्यात पर खास असर नहीं पड़ेगा। इन दोनों देशों की भारत के निर्यात में हिस्सेदारी बहुत कम है। भारत का इन दोनों देशों के साथ व्यापार अधिशेष है।
  • भारत ने अप्रैल, 2024 से फरवरी, 2025 के बीच तुर्किये को 5.2 अरब डॉलर के उत्पादों का निर्यात किया है। 2023-24 में यह आंकड़ा 6.65 अरब डॉलर था। यह भारत के कुल 437 अरब डॉलर के निर्यात में तुर्किये की हिस्सेदारी सिर्फ 1.5 फीसदी है।
  • भारत का अजरबैजान को निर्यात अप्रैल, 2024 से फरवरी, 2025 के दौरान मात्र 8.60 करोड़ डॉलर रहा। 2023-24 में यह आंकड़ा 8.96 करोड़ डॉलर था। यह भारत के कुल निर्यात का महज 0.02 फीसदी है।
 

दोनों देशों की आयात में भी मामूली हिस्सेदारी
तुर्किये से भारत का आयात अप्रैल, 2024 से फरवरी, 2025 के दौरान 2.84 अरब डॉलर था, जबकि 2023-24 में यह 3.78 अरब डॉलर था। यह भारत के कुल 720 अरब डॉलर के आयात का सिर्फ 0.5 फीसदी है।
  • भारत ने अप्रैल, 2024 से फरवरी, 2025 के बीच अजरबैजान से कुल 19.3 करोड़ डॉलर का आयात किया है। यह आंकड़ा 2023-24 में 7.4 लाख डॉलर था, जो भारत के कुल आयात का मात्र 0.0002 फीसदी है।
दोनों देशों को ये उत्पाद बेचता है भारत
भारत की ओर से तुर्किये को खनिज ईंधन एवं तेल (2023-24 में 96 करोड़ डॉलर), विद्युत मशीनरी एवं उपकरण, वाहन व कलपुर्जे, कार्बनिक रसायन, फार्मा उत्पाद, टैनिंग एवं रंगाई की वस्तुएं, प्लास्टिक, रबड़, कपास, मानव निर्मित फाइबर, लोहा और इस्पात का निर्यात किया जाता है।
  • अजरबैजान को तंबाकू, चाय, कॉफी, अनाज, रसायन, प्लास्टिक, रबड़, कागज, पेपर बोर्ड और सिरेमिक उत्पाद का निर्यात करता है।
 

दोनों देशों से इन वस्तुओं का होता है आयात
तुर्किये से विभिन्न प्रकार के मार्बल (ब्लॉक व स्लैब), ताजा सेब (करीब एक करोड़ डॉलर), सोना, सब्जियां, चूना और सीमेंट, खनिज तेल (2023-24 में 1.81 अरब डॉलर), रसायन, प्राकृतिक या संवर्धित मोती, लोहा और इस्पात का आयात किया जाता है।
  • अजरबैजान से पशु चारा, जैविक रसायन, आवश्यक तेल एवं इत्र, कच्ची खालें और चमड़े (अप्रैल-फरवरी 2024-25 के दौरान 15.2 लाख डॉलर) का आयात होता है।
  • भारत 2023 में अजरबैजान के कच्चे तेल के लिए तीसरा सबसे बड़ा गंतव्य था।
टूरिज्म : तुर्किये और अजरबैजान को 60 करोड़ डॉलर का होगा नुकसान
भारत के साथ व्यापारिक संबंध खत्म होने और भारतीय यात्रियों के तुर्किये एवं अजरबैजान की यात्रा नहीं करने से इन देशों की टूरिज्म अर्थव्यवस्था को सालाना 60 करोड़ डॉलर से अधिक का नुकसान हो सकता है। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने आंकड़ों के हवाले से बताया, 2024 में तीन लाख से अधिक भारतीयों ने तुर्किये की यात्रा की थी, जो 2023 की तुलना में 20.7 फीसदी अधिक है। एक भारतीय पर्यटक औसतन 972 डॉलर खर्च करता है। अगर भारतीय पर्यटन तुर्किये की यात्रा का बहिष्कार करते हैं, तो उसे हर साल 29.16 करोड़ डॉलर का नुकसान हो सकता है। तुर्किये का कुल पर्यटन राजस्व 61.1 अरब डॉलर है।

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दोनों देशों में भारतीय पर्यटकों की बुकिंग 60 फीसदी गिरी
ऑपरेशन सिंदूर व उसके बाद बने संघर्ष की स्थिति में पाकिस्तान का खुलकर साथ देने वाले तुर्किये और अजरबैजान के बायकॉट की मांग के बीच भारतीय पर्यटकों ने इन दोनों देशों से मुंह मोड़ना शुरू कर दिया है। ऑनलाइन बुकिंग एग्रीगेटर मेकमायट्रिप ने बुधवार को बताया कि दोनों देशों के लिए पिछले सप्ताह बुकिंग में 60 फीसदी की गिरावट आई है। वहीं पहले से हो चुकी बुकिंग को कैंसिल कराने में 250 फीसदी का उछाल आया है।

तुर्किये में फिल्मों की शूटिंग न करने की अपील
फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (एफडब्ल्यूआईसीई) ने बुधवार को भारतीय कलाकारों और निर्माताओं से अपील की कि वे पाकिस्तान समर्थक रुख के मद्देनजर शूटिंग स्थल के रूप में तुर्किये का बहिष्कार करें।

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