वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि वर्ष 2030 तक भारत विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है। जेटली ने कहा कि बढ़ती खपत और निवेश में बढ़ोत्तरी के साथ सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का आंकड़ा 10,000 अरब डॉलर तक पहुंच जाएगा। वर्तमान में देश की अर्थव्यवस्था का आकार 2900 अरब डॉलर है।
वित्त मंत्री ने शनिवार को श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स में छात्रों से बात करते हुए कहा, ‘डॉलर की स्थिति के हिसाब से हम अभी पांचवें और छठे पायदान के बीच झूल रहे हैं। जब हम आने वाले वर्षों की तरफ देखते हैं तो हम 2024 तक 5000 अरब डॉलर और 2030 या 2031 तक 10 हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बन जाएंगे। तब हम अमेरिका और चीन के साथ दुनिया की तीन सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होंगे।’ अगले 20 वर्षों में आर्थिक वृद्धि के अग्रणी क्षेत्रों का जिक्र करते हुए जेटली ने कहा कि बुनियादी संरचना का सृजन, ग्रामीण क्षेत्र का विस्तार और लैंगिक समानता सहित अन्य चीजें इसमें शामिल होंगी।
जेटली ने कहा कि 2011 की जनगणना के आधार पर 21.90 फीसदी आबादी गरीबी रेखा के नीचे गुजर बसर कर रही है। आर्थिक वृद्धि की मौजूदा दर के आधार पर अगर गणना करें तो यह अनुपात और कम होकर 17 फीसदी पर आ गया होगा। यह 2021 तक और कम होकर 15 फीसदी पर तथा 2024-25 तक 10 फीसदी तक आ जाएगा।
मध्य वर्ग में वृद्धि, गरीबी होगी खत्म
वित्त मंत्री ने एक अध्ययन का हवाला देते हुए कहा कि इसी के साथ देश में मध्य वर्ग की आबादी 2015 के 29 फीसदी से बढ़कर 44 फीसदी पर पहुंच जाएगी। उन्होंने कहा, ‘इस कारण जब आप आगे देखते हैं तो आपको गरीबी समाप्त होती दिखाई देगी, आपको मध्य वर्ग की शानदार वृद्धि दिखाई देगी और संभवत: 2030 तक देश की आधी आबादी मध्यम वर्ग की श्रेणी में होगी।’