भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा पर शांति और सहयोग के लिए उप महानिरीक्षक बीएसएफ मालदा सेक्टर और सेक्टर कमांडर बीजीबी राजशाही सेक्टर के बीच सीमा समन्वय बैठक बीओपी सोनामस्जिद, बांग्लादेश में आयोजित की गई। सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व तरुण डीआईजी, क्षेत्रीय मुख्यालय बी.एस.एफ. मालदा कुमार गौतम ने किया, जबकि बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी) प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर्नल मोहम्मद इमरान इब्ने रौफ, सेक्टर कमांडर, सेक्टर मुख्यालय बीजीबी राजशाही ने किया।प्रतिनिधिमंडल में दोनों बलों के संबंधित बटालियन कमांडर और स्टाफ अधिकारी शामिल हुए।
बीएसएफ साउथ बंगाल फ्रंटियर के जनसंपर्क अधिकारी डीआईजी एनके पांडे ने बताया कि बैठक में सीमा प्रबंधन संबंधित सीमावर्ती क्षेत्रों में आपसी हितों के महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया। द्विपक्षीय सहयोग को मजबूती, सीमा क्षेत्र में अवैध गतिविधियो पर नियंत्रण, अंतरराष्ट्रीय सीमा समीप किसानों के अतिरिक्त अन्य के आवागमन पर रोक आदि मुद्दों पर चर्चा की गयी और सहमति बनी। सीमा संबंधित समस्याओं पर आपसी बातचीत और सहमति से निदान ढूंढने पर दोनों पक्षों ने जोर दिया। सीमा संबंधित विवादों को मीडिया के कुछ वर्गों में बढ़ा चढ़ा कर प्रस्तुत करने और अफ़वाहों पर दोनों पक्षों ने चिंता व्यक्त की और इस पर रोकथाम के प्रति सहमती व्यक्त की। बैठक में प्रभावी सीमा प्रबंधन सुनिश्चित करने पर भी ध्यान केंद्रित किया गया। बैठक में हाल की चिंताओं पर भी चर्चा की गई, जिसमें 18 जनवरी 2025 को मालदा जिले में सुकदेवपुर सीमा पर हुई घटना भी शामिल है। बीएसएफ ने भारत-बांग्लादेश सीमा पर शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए बीजीबी के साथ मिलकर काम करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। बैठक सकारात्मक रूप से संपन्न हुई, जिसमें दोनों बलों ने द्विपक्षीय सहयोग और सीमा सुरक्षा के लिए अपनी निरंतर प्रतिबद्धता व्यक्त की।
डीआईजी एनके पांडे ने कहा, "ये उच्चस्तरीय बैठकें भारत और बांग्लादेश के बीच मजबूत साझेदारी का प्रतीक हैं। आपसी संवाद और सहयोग के माध्यम से, दोनों देशों के बलों ने साझा मुद्दों को सुलझाते हुए अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा बनाए रखने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है।" बीएसएफ अपनी सीमाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और अपने पड़ोसी देशों के साथ सौहार्द बढ़ाने के अपने उद्देश्य के प्रति पूरी तरह समर्पित है।