सार
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ऑस्ट्रिया की विदेश मंत्री के साथ बैठक में कहा कि भारत और ऑस्ट्रिया अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा में मिलकर योगदान दे सकते हैं। दोनों देशों ने आर्थिक, तकनीकी और रक्षा सहयोग पर चर्चा की। लेकिन वैश्विक चुनौतियों के बीच दोनों देश किस तरह साथ काम करेंगे? भारत-यूरोपीय संघ व्यापार समझौते को लेकर क्या उम्मीद जताई गई? ऑस्ट्रिया की इस यात्रा से द्विपक्षीय संबंधों को क्या दिशा मिल सकती है? आइए, सबकुछ विस्तार से जानते हैं...
भारत और ऑस्ट्रिया ने अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए मिलकर काम करने की इच्छा जताई है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बुधवार को ऑस्ट्रिया की विदेश मंत्री बीएटे माइनल-राइजिंगर से मुलाकात के दौरान कहा कि मौजूदा वैश्विक हालात जटिल हैं और ऐसे समय में दोनों देशों के बीच बातचीत जरूरी है। बैठक में द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा करने, पहले हुए समझौतों पर प्रगति जानने और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करने पर जोर दिया गया।
जयशंकर ने कहा कि भारत और ऑस्ट्रिया के संबंध गर्मजोशी और मित्रता पर आधारित हैं। उन्होंने अप्रैल में ऑस्ट्रिया के चांसलर क्रिश्चियन स्टॉकर की भारत यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौरान बनी सहमति और हुए समझौतों पर आगे बढ़ने की समीक्षा करने का यह अच्छा अवसर है। दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग, विज्ञान एवं तकनीक, जलवायु और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई।
भारत और ऑस्ट्रिया वैश्विक शांति के लिए कैसे साथ काम करेंगे?
जयशंकर ने कहा कि दुनिया में इस समय कई जटिल परिस्थितियां हैं। ऐसे में भारत और ऑस्ट्रिया जैसे मित्र देशों के लिए जरूरी है कि वे वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करें और अंतरराष्ट्रीय शांति व सुरक्षा में योगदान देने के तरीके तलाशें। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का अस्थायी सदस्य बनने पर ऑस्ट्रिया को बधाई भी दी। जयशंकर ने कहा कि दोनों देशों का संयुक्त राष्ट्र के मंच पर लंबे समय से सहयोग रहा है और वे इसे आगे भी जारी रखना चाहते हैं।
दोनों देशों के आर्थिक और तकनीकी सहयोग में क्या संभावनाएं हैं?
जयशंकर ने कहा कि भारत और ऑस्ट्रिया के बीच आर्थिक सहयोग अच्छा चल रहा है, लेकिन इसे और बेहतर बनाया जा सकता है। उन्होंने विज्ञान एवं तकनीक, जलवायु संबंधी मुद्दों और दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने पर भी जोर दिया। उनके मुताबिक, इन क्षेत्रों में आपसी सहयोग को गहरा करने की काफी गुंजाइश है। बैठक में इन संबंधों की मौजूदा स्थिति की समीक्षा और भविष्य में सहयोग बढ़ाने के अवसरों पर चर्चा की गई।
भारत-यूरोपीय संघ व्यापार समझौते को लेकर क्या उम्मीद है?
जयशंकर ने भारत और यूरोपीय संघ के बीच बढ़ते संबंधों का भी उल्लेख किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले महीनों में भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को अंतिम रूप देने और उसे लागू करने की दिशा में प्रगति होगी। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि भारत और ऑस्ट्रिया के बीच रणनीतिक, सुरक्षा और रक्षा सहयोग भी आगे बढ़ रहा है। ऑस्ट्रिया की विदेश मंत्री बीएटे माइनल-राइजिंगर 27 अक्तूबर से 2 नवंबर तक भारत की आधिकारिक यात्रा पर हैं। इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा और वैश्विक घटनाक्रम पर बातचीत हो रही है।