भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच मजबूत रिश्तों पर ऑस्ट्रेलियाई दूत ने कहा कि दोनों देश भाग्यशाली हैं कि उनके पास सम्मानजनक और जिम्मेदार नेता हैं। उन्होंने बताया कि दोनों देशों के नेताओं के बीच आपसी समझ, भरोसा और सहयोग की भावना काफी मजबूत है। इसी कारण द्विपक्षीय संबंध लगातार बेहतर हो रहे हैं, चाहे वह व्यापार, सुरक्षा या रणनीतिक साझेदारी हो।
भारत में ऑस्ट्रेलिया के उच्चायुक्त फिलिप ग्रीन ने कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया भाग्यशाली हैं कि उनके विश्व नेता एक-दूसरे का सम्मान करते हैं। उन्होंने एएनआई से बातचीत में बताया कि दोनों देशों के संबंध लगातार आगे बढ़ रहे हैं। वह इन संबंधों को और भी ऊंचाइयों पर ले जाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच संबंध अपने उच्चतम बिंदु पर हैं।
संबंधों को आगे बढ़ाने के क्या है मुख्य कारक?
उनके अनुसार, इन संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए तीन मुख्य कारक हैं जो बने रहेंगे। पहला, ऑस्ट्रेलिया और भारत रणनीतिक रूप से अधिक संरेखित हैं, चाहे वह द्विपक्षीय हो या क्वाड के माध्यम से। दूसरा, दोनों अर्थव्यवस्थाओं के बीच मजबूत पूरकता का स्तर मौजूद है। तीसरा, भारतीय मूल के 10 लाख से अधिक लोगों का मानवीय सेतु दोनों देशों को जोड़ता है। फिलिप ग्रीन ने कहा कि दोनों देशों के नेता एक-दूसरे का सम्मान करते हैं और उनकी बात सुनते हैं। वे एक-दूसरे के दृष्टिकोण को ध्यान से सुनते हैं। ये कारक बदलने वाले नहीं हैं।
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भारत की विविधता और जुड़ाव
फिलिप ग्रीन ने बताया कि उनकी पत्नी और वह भारत की विविधता से बहुत प्रभावित हुए हैं। उन्होंने 21 राज्यों का दौरा किया है और जल्द ही 22वें राज्य जाने की उम्मीद है। उन्हें यहां के विचारशील और बुद्धिमान लोगों से विश्व मुद्दों, संस्कृति और साहित्य पर चर्चा करना पसंद है। यह उनके और उनकी पत्नी के लिए सीखने और विकसित होने का एक शानदार स्थान है।
संबंधों का मानवीय आधार
ऑस्ट्रेलियाई विदेश व्यापार विभाग ने बताया कि भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय दोनों देशों के बीच एक जीवंत सेतु का काम करते हैं। यह समुदाय ऑस्ट्रेलिया का दूसरा सबसे बड़ा और सबसे तेजी से बढ़ता विदेशी मूल का समूह है। यह मानवीय जुड़ाव दोनों देशों के संबंधों को और मजबूत करता है। ग्रीन ने कहा कि यह केवल भोजन और क्रिकेट से बढ़कर है।