कई सालों की चल रही वार्ता के बाद भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच लॉजिस्टिक सपोर्ट के लिए सैन्य बेसों का इस्तेमाल करने पर सहमति बन गई है। माना जा रहा है कि बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रेलियाई पीएम स्कॉट मोरिसन के बीच होने वाली ऑनलाइन शिखर वार्ता के दौरान इस ऐतिहासिक करार पर दस्तखत हो सकते हैं। इस दौरान दोनों ही राष्ट्राध्यक्ष कोविड-19 से निपटने के उपायों पर भी चर्चा करेंगे।
भारत में ऑस्ट्रेलिया के उच्चायुक्त बैरी ओ फ्रेल ने ऑनलाइन मीडिया ब्रीफिंग के दौरान बताया कि इस शिखर वार्ता के जरिये द्विपक्षीय रिश्तों को एक नई ऊंचाई पर पहुंचने उम्मीद है। दोनों ही देशों के प्रधानमंत्री सार्वजनिक स्वास्थ्य, कारोबार, ऊर्जा, शिक्षा विज्ञान और प्रौद्योगिकी, साइबर सिक्योरिटी और रक्षा समेत कई क्षेत्रों में रिश्तों को और मजबूत करने पर ध्यान देंगे। इसको लेकर दोनों ही देशों ने आपस में वार्ता की है। जाहिर है कि आपसी सहयोग के लिए लॉजिस्टिक सपोर्ट करार भी उनमें से एक है। इससे दोनों ही देशों के सैन्यबलों को ऑसीइंडेक्स जैसे जटिल सैन्य अभ्यासों का आयोजन करने में आसानी होगी। ऑसीइंडेक्स भारत और ऑस्ट्रेलिया की नेवी के बीच होने वाला द्विपक्षीय आयोजन है। इस करार से दोनों ही देशों की सेनाएं एक दूसरे के बेस और सुविधाओं का इस्तेमाल कर सकेंगे। अमेरिका, फ्रांस और सिंगापुर के साथ भारत पहले ही ऐसा करार कर चुका है।
दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्षों के बीच जनवरी में यह शिखर वार्ता होने वाली थी, लेकिन ऑस्ट्रेलिया के जंगलों में लगी भीषण आग के चलते ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री ने भारत की अपनी चार दिवसीय यात्रा रद्द कर दी थी जिसके कारण इस वार्ता के आयोजन को आगे बढ़ा दिया गया था।