गाजा में शांति के लिए अमेरिका-नेतृत्व वाले बोर्ड का समर्थन जरूरी- अबूल घीत
अरब लीग के महासचिव अहमद अबूल घीत ने शुक्रवार को नई दिल्ली में कहा कि गाजा में शांति स्थापित करने के लिए अरब देशों का अमेरिका-नेतृत्व वाले ‘बोर्ड ऑफ पीस’ का समर्थन सही कदम है। उन्होंने कहा कि यह बोर्ड एक अद्वितीय अवसर प्रदान करता है क्योंकि पहले कई कूटनीतिक प्रयास असफल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि खाड़ी के देश हमेशा सैन्य संघर्ष का विरोध करते रहे हैं और कूटनीतिक समाधान चाहते हैं। उन्होंने अमेरिका की पूर्व प्रशासनिक नीतियों का हवाला देते हुए कहा कि पिछले अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस्राइल का सीधे समर्थन किया, जिससे कई सुरक्षा परिषद प्रस्ताव अस्वीकार हो गए। ऐसे में अरब देशों ने बोर्ड में शामिल होकर शांति स्थापित करने की दिशा में कदम उठाया।
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बोर्ड में फंडिंग निगरानी को लेकर सवाल- घीत
अहमद अबूल घीत ने यह भी कहा कि बोर्ड के कार्यान्वयन में अभी फंडिंग, निगरानी और संयुक्त राष्ट्र के साथ समन्वय जैसे कई सवाल बने हुए हैं। साथ ही उन्होंने गाजा के मुद्दे के अलावा क्षेत्रीय सुरक्षा पर भी चिंता जताई। उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान पर कोई सैन्य हमला पूरे क्षेत्र और विश्व के लिए नकारात्मक परिणाम देगा।
उन्होंने अमेरिकी सैन्य मौजूदगी पर भी टिप्पणी की और कहा कि खाड़ी और लाल सागर में अमेरिकी फौज की उपस्थिति नई नहीं है, लेकिन वॉशिंगटन की नीतियों में बदलाव देखा जा रहा है। इसके साथ ही फलस्तीन के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि आक्रमणकारी शक्तियां राजनीतिक मांगों को स्वेच्छा से नहीं मानतीं। उन्होंने वैश्विक अस्थिरता और शीत युद्ध जैसी परिस्थितियों पर भी चिंता जताई और कहा कि नया अंतरराष्ट्रीय क्रम बिना संघर्ष के नहीं बन सकता।
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