सार
एक दशक बाद अरब देशों की लीग की बैठक में आज गाजा पट्टी के पुनर्निर्माण पर अहम चर्चा होगी। अमेरिका-ईरान तनाव, पाकिस्तान की मुस्लिम देशों को एकजुट करने की कोशिश और गाजा में शांति पहल के बीच यह बैठक निर्णायक मानी जा रही है। इसमें अर्थव्यवस्था, ऊर्जा और क्षेत्रीय संघर्षों पर रोडमैप बनेगा।
एस जयशंकर के साथ अरब लीग के महासचिव अहमद अबुल घीत
- फोटो : एक्स@DrSJaishankar
एक दशक के लंबे अंतराल के बाद अरब देशों की लीग (एलएएस) की शनिवार को होने जा रही बैठक में गाजा पट्टी पुननिर्माण पर अहम चर्चा होगी। पाकिस्तान की अरब समेत मुस्लिम देशों को एक मंच पर लाने की मुहिम, ईरान और अमेरिका के बीच जारी टकराव के साथ गाजा में शांति के लिए अमेरिका की बोर्ड ऑफ पीस की पहल के बीच इस बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है। मध्य-पूर्व और अरब के 22 देशों के इस संगठन की बैठक के बाद संयुक्त बयान भी जारी किया जाएगा।
आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक बैठक में मुख्य रूप से लीग में शामिल देशों के बीच बहरीन में 2016 में आयोजित लीग की पहली बैठक में लिए गए निर्णयों की समीक्षा होगी। लीग देशों के बीच अर्थव्यवस्था, ऊर्जा, संस्कृति, शिक्षा और मीडिया के क्षेत्र में समन्वय बढ़ाने वाला रोडमैप तैयार किया जाएगा। इसके इतर गाजा पुननिर्माण के साथ ही यमन, सूडान और लीबिया के क्षेत्रीय संघर्षों पर भी मंथन होगा।
बता दें कि लीबिया में साल 2011 में मुअम्मर गद्दाफी के राज के पतन के बाद पहली बार यहां की अंतरराष्ट्रीय स्तर की मान्यता प्राप्त सरकार के विदेश मंत्री एल्ताहेर भी बैठक में हिस्सा लेंगे। बीते 15 वर्षों में लीबिया सरकार के किसी मंत्री की यह पहली विदेश यात्रा होगी।
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इसलिए अहम है यह बैठकयह बैठक पाकिस्तान के मुस्लिम देशों को अपनी अगुवाई में एक मंच पर लाने की कोशिशों के बीच हो रही है। पाकिस्तान पूर्वी लीबिया में नियंत्रण रखने वाले खलीफा हफ्तार को जेएफ-17 जेट लड़ाकू विमान बेचने की कोशिश कर रहा है। इसके अलावा लीग में गाजा में शांति प्रयासों पर भी चर्चा होगी, जिसके लिए अमेरिका बोर्ड ऑफ पीस के रूप में पहल कर रहा है। ऐसे समय में लीग ऑफ अरब स्टेट की भारत में मेजबानी के बड़े कूटनीतिक निहितार्थ हैं।
लीग ऑफ अरब स्टेट व्यापार की दृष्टि से भी भारत के लिए बेहद अहम है। लीग के 22 सदस्य देशों के साथ द्विपक्षीय व्यापार 240 अरब डॉलर का है। भारत का व्यापार मार्ग भी स्वेज नहर, लाल सागर और अदन की खाड़ी से जुड़ा है जो इन्हीं देशों से जुड़े हैं।
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अधिकारी स्तर की वार्ता
गौरतलब है कि लीग ऑफ अरब स्टेट की विदेश मंत्रियों की बैठक से पहले शुक्रवार को लीग के अधिकारियों की बैठक हुई। बैठक के बाद सदस्य देशों के अधिकारियों ने पीएम मोदी से मुलाकात की। शुक्रवार को ही अरब लीग के महासचिव अहमद अबुल घीत ने विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ बैठक की।
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