भारत और अमेरिकी के बीच संयुक्त युद्धाभ्यास-2016 यहां चौबटिया छावनी में शुरू हो गया है। गरुड़ मैदान में दोनों देशों के सैनिकों ने अधिकारियों को मार्च पास्ट के माध्यम से सलामी दी। दो सप्ताह तक दोनों देशों के सैनिक आतंकवाद और आंतरिक विद्रोह के खिलाफ युद्ध कला की तकनीक साझा करेंगे। भारतीय सेना की तरफ से कांगो ब्रिगेड के कमांडर कर्नल ए कासिद और अमेरिका सेना के ब्रिगेड कमांडर कर्नल डेविड फोले ने सैनिकों से बेहिचक अपने अनुभवों और तकनीकों को साझा करने का आह्वान किया।
वहीं अमेरिकी सेना में शामिल भारतीय मूल की स्टाफ सार्जेंट बलरीत खारा ने कहा कि भारतीय और अमेरिकी सेना के कार्यों में खास अंतर नहीं है। अमेरिकी सैनिक युद्ध कौशल में माहिर है, जबकि भारतीय सैनिकों में सहनशीलता है। भारतीय सेना से सहनशीलता को सीखा जाएगा। खारा दो साल पूर्व भी यहां युद्धाभ्यास के लिए अमेरिकी सेना की टुकड़ी में शामिल हुईं थीं।
सार्जेंट बलरीत खारा मूल रूप से पंजाब के बठिंडा की रहने वाली हैं। उन्होंने बताया कि युद्धाभ्यास का मुख्य मकसद दोनों देशों की संस्कृति और युद्ध कौशल की तकनीकों को साझा करना है। उनके साथ इराक ऑपरेशन में तीन सौ सैनिकों का प्रतिनिधित्व कर चुकी अमेरिकी सेना की केरालाइन मोराइली भी मौजूद थीं।