भारत और रूस त्रिकोणीय युद्ध अभ्यास करेंगे। ये युद्ध अभ्यास इस साल के अंत तक रूस में होगा। जिसमें सेना की तीनों श्रेणियां थलसेना, नौसेना और वायुसेना शामिल होंगी। रूस के साथ ये ऐसा पहला युद्ध अभ्यास होगा। इसके अलावा भारतीय थल और नौसेना रूस के साथ अलग से सैन्य अभ्यास 'इंद्र' करेंगी।
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आपको बता दें कि वित्त मंत्री अरुण जेटली इस महीने 25-26 अप्रैल को मॉस्को में होने वाले अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा कॉन्फ्रेंस के लिए रूस की यात्रा करेंगे।
इससे पहले भारतीय वायुसेना ने तीन साल पहले 2014 में रूस की वायुसेना के साथ 'एविया इंद्र' नाम के युद्ध अभ्यास में भाग लिया था। लेकिन इस साल होने वाला युद्ध अभ्यास काफी अहम होगा क्योंकि इस बार भारत की तीनों सेनाएं यानी थलसेना, वायुसेना और नौसेना इसमें हिस्से लेंगी।
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सूत्रों के अनुसार भारत और रूस के बीच सेन्य अभ्यास के मुद्दे को लेकर तैयारी की बैठक हो चुकी है। इसके अलावा अभी दो और कॉन्फ्रेंस भी आयोजित किए जाएंगे।
पिछले साल रूस ने पाकिस्तान के साथ सैन्य अभ्यास किया था जिसपर भारत ने नाराजगी भी जताई थी क्योंकि ये अभ्यास उस समय हुआ था जब आतंकवादियों ने भारतीय सेना के उड़ी कैंप पर हमला कर दिया था। इसके बाद ये खबर आई थी कि अब रूस पाकिस्तान के साथ ऐसा कोई भी अभ्यास करने से बचेगा।