भारत और पाकिस्तान अपने द्विपक्षीय रिश्तों में नरमी लाने के लिए काम कर रहे हैं। दोनों देशों ने निर्णय लिया है कि वह तटरक्षकों को लेकर आपसी सहयोग सुनिश्चित करेंगे। इसके साथ ही एक-दूसरे के मछुआरे की रिहाई में उदारता बरती जाएगी। एक-दूसरे के सर्च और रेस्क्यू अभियानों, समुद्र में तेल फैलने से उत्पन्न हुईं आपदाओं और प्रदूषण से निपटने में सहयोग करेंगे।
यह बातें एक प्रतिनिधिमंडल की बैठक में सामने आई हैं। जिसकी अध्यक्षता भारतीय
तटरक्षक (आईसीजी) के डायरेक्टर जनरल राजेंद्र सिंह और पाकिस्तान मैरीटाइम सिक्योरिटी एजेंसी (पीएमएसए) प्रमुख रीयर एडमिरल जका उर रहमान ने की थी। यह बैठक दोनों देशों की तटीय समुद्री एजेंसियों के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी है। यह बैठक पिछले साल भारतीय विशेष बल द्वारा की गई सर्जिकल स्ट्राइक के कारण नहीं हो पाई थी।
भारत ने पाक अधिकृत कश्मीर में सितंबर 2016 के दौरान आंतकियों पर हमला किया था। इसके बाद पाकिस्तान की सैन्य अदालत ने भारत के पूर्व नौसेना अधिकारी
कुलभूषण जाधव को अप्रैल 2017 में मृत्युदण्ड की सजा सुना दी थी।
एक अधिकारी ने कहा, दोनों देश अब लगातार आपसी संपर्क में रहेंगे और आपस में तेजी से समुद्री सीमा उल्लंघन और एक-दूसरे के मछुआरों की नावों के पकड़े जाने को लेकर जानकारी का आदान-प्रदान करेगें। दोनों आईसीजी और पीएमएसए के मुख्यालय के जरिए जानकारी साझा करेंगे बजाए कि हफ्ते में एक दिन बुधवार को बात करने के। कई बार दोनों देशों के मछुआरे अंतर्राष्ट्रीय सीमा रेखा को अच्छी किस्म की मछलियों को पाने के लालच में पार कर देते हैं। जिसकी वजह से दोनों देशों के बीच जारी दुश्मनी और बढ़ जाती है।