भारत और पाकिस्तान के बीच शनिवार शाम को संघर्ष विराम हो गया है। भारतीय सेना की ओर से दिए जा रहे मुंहतोड़ जवाब के चलते बैकफुट आए पाकिस्तान की पहल पर भारत संघर्ष विराम के लिए राजी हुआ है। दोनों देशों के बीच हुए संघर्ष विराम की पुष्टि विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने की है। विदेश सचिव की यह संक्षिप्त घोषणा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के यह कहने के तुरंत बाद आई है। ट्रंप ने ट्रुथ पर लिखा था कि भारत और पाकिस्तान अमेरिका की मध्यस्थता में वार्ता के बाद "पूर्ण और तत्काल" युद्धविराम पर सहमत हो गए हैं। दोनों देशों के बीच की संघर्ष विराम की पटकथा करीब आधे घंटे में लिखी गई।
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अमेरिका ने पहले ही की थी मध्यस्थता की पेशकश
इससे पहले अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत विदेश मंत्री एस. जयशंकर और पाकिस्तानी उप-प्रधानमंत्री व विदेश मंत्री इशाक डार के साथ अलग-अलग बात की थी। विदेश विभाग के प्रवक्ता टैमी ब्रूस ने शनिवार की सुबह एक बयान में यह जानकारी दी थी। दरअसल, 7 मई को पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर भारत के ऑपरेशन सिंदूर और उसके बाद पाकिस्तान की ओर से 15 भारतीय शहरों को निशाना बनाए जाने के बाद दोनों के बीच तनाव काफी बढ़ गया था। ऐसे में रुबियो ने इस बात पर जोर दिया कि दोनों पक्षों को तनाव कम करने और सीधा संवाद फिर से स्थापित करने के तरीकों को तलाशने की कोशिश करें। रुबियो ने चर्चाओं को सुविधाजनक बनाने में अमेरिकी समर्थन का प्रस्ताव दिया था। डार के साथ बातचीत में रुबियो ने दोहराया था कि दोनों पक्षों को मौजूदा स्थिति को कम करने के तरीके खोजने चाहिए।
असीम मुनीर और शहबाज शरीफ से की थी बात
पाकिस्तान के विदेश मंत्री से बात करने से पहले अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने पाकिस्तानी सेना प्रमुख असीम मुनीर से भी बात की थी। रुबियो ने शहबाज शरीफ से भी बात की थी। इससे पहले शुक्रवार को व्हाइट हाउस ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष को जितनी जल्दी हो सके कम होते देखना चाहते हैं।