भारत और इस्राइल ने कृषि सहयोग को लेकर एक बड़ा कदम उठाया है। इस्राइली दूतावास के मुताबिक, दोनों देशों ने फेरोमोन-आधारित फसल-सुरक्षा तकनीकों के निर्माण और वैश्विक व्यवसायीकरण के लिए एक नई संयुक्त कंपनी शुरू की है। इसके तहत भारत की फेरोमोन वाली फसल सुरक्षा तकनीक को दुनिया भर में बेचा जाएगा।
फेरोमोन तकनीक कीटों को नियंत्रित करने का एक पर्यावरण-अनुकूल तरीका है। इससे उपज बढ़ाने में मदद मिलती है। दिल्ली में पहले अंतरराष्ट्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी क्लस्टर सम्मेलन के समापन सत्र में 38 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में यह एलान किया गया। ये यहां कृषि, स्थिरता, पर्यावरण और डीप-टेक क्षेत्रों में सहयोग पर विचार-विमर्श के लिए जमा हुए थे।
एटीजीसी बायोटेक प्राइवेट लिमिटेड (भारत) और लक्जमबर्ग इंडस्ट्रीज लिमिटेड ( इस्राइल) ने सेमीओफोर लिमिटेड नाम की एक कंपनी बनाने के लिए लाइसेंस समझौते पर दस्तखत किए है। यह भारत और इस्राइल की 50-50 साझेदारी वाली कंपनी होगी। यह पहली बार है जब भारतीय सेमीकेमिकल यानी अर्ध-रासायनिक तकनीक को इस्राइल में निर्माण और व्यवसायीकरण के लिए लाइसेंस दिया गया है।
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वैश्विक बाजारों में जाएंगी 18 भारतीय तकनीकें
लक्जमबर्ग इंडस्ट्रीज के सीईओ मोशिक फिश ने बताया कि यह साझेदारी भारत की उन्नत फेरोमोन तकनीकों को इस्राइल की कृषि क्षमता से जोड़ती है। हम इस्राइल के कृषि क्षेत्र में भारत की नई पीढ़ी की फेरोमोन तकनीक का इस्तेमाल करने को लेकर बेहद खुश हैं। सेमिओफोर 18 भारतीय तकनीकों को इस्राइल, ब्राजील और अमेरिका जैसे बाजारों में ले जाएगी।