सार
भारत और इस्राइल ने अपने रक्षा संबंधों को और मजबूत करने के लिए एक अहम कदम उठाया है। इसके तहत भारत के रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह और इस्राइल के रक्षा मंत्रालय के महानिदेशक मेजर जनरल (रिटायर्ड) अमीर बराम के बीच हुई द्विपक्षीय बैठक में दोनों देशों ने एक संस्थागत ढांचा तैयार करने पर सहमति जताई है, जो भविष्य में रक्षा सहयोग को और गहराएगा।
सीडीएस जनरल अनिल चौहान और इस्राइली रक्षा मंत्रालय के मेजर जनरल अमीर बराम
- फोटो : एक्स@HQ_IDS_India
भारत और इस्राइल ने अपने रक्षा संबंधों को और मजबूत करने के लिए अहम कदम उठाया है। इसके तहत दोनों देशों ने बुधवार को अपने रक्षा संबंधों को और गहरा करने के लिए एक संस्थागत ढांचा विकसित करने पर सहमति जताई है। यह फैसला नई दिल्ली में दोनों देशों के शीर्ष रक्षा अधिकारियों की बैठक के दौरान लिया गया। भारत के रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह और इस्राइल रक्षा मंत्रालय के महानिदेशक मेजर जनरल (रिटायर्ड) अमीर बराम के बीच द्विपक्षीय बातचीत हुई।
इस दौरान दोनों पक्षों ने रक्षा सहयोग को दीर्घकालिक दृष्टिकोण से मजबूत करने पर जोर दिया। मामले में जानकारी देते हुए भारतीय रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि दोनों देशों ने रक्षा संबंधों को और गहरा करने के लिए एक संस्थागत ढांचा तैयार करने पर सहमति जताई है।
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आतंकवाद के खिलाफ साझा संदेश
बैठक के दौरान दोनों देशों ने आतंकवाद के मुद्दे पर साझा संदेश दिया। मामले में इस्राइली अधिकारी ने 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले की निंदा की और भारत के आतंकवाद के खिलाफ संघर्ष को अपना पूरा समर्थन देने की बात कही। वहीं, भारत की ओर से रक्षा सचिव ने सात अक्तूबर 2023 को इस्राइल में हुए आतंकी हमलों की निंदा की और सभी बंधकों की रिहाई की मांग की। उन्होंने भारत की आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति को दोहराया।
तकनीकी और रणनीतिक सहयोग पर जोर
बता दें कि दोनों देशों ने जुलाई 2024 में भारत में हुई पिछली संयुक्त कार्य समूह की बैठक के बाद हुए रक्षा सहयोग की समीक्षा भी की। इस दौरे को भारत और इस्राइल रक्षा रिश्तों के लिए एक अहम कदम बताया गया है। बयान में कहा गया कि यह यात्रा दोनों देशों के रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
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शीर्ष सैन्य अधिकारियों की बातचीत
इसके साथ ही भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान ने भी इस्राइल के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। मामले में हेडक्वार्टर इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ (एचक्यू आईडीएस) ने सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा करते हुए बताया कि इस बैठक में वैश्विक और क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों, एडवांस टेक्नोलॉजी, आतंकवाद विरोधी प्रयासों और रणनीतिक योजना जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हुई।
एचक्यू आईडीएस ने ये भी कहा कि यह बातचीत दोनों देशों के सैन्य संबंधों को मजबूत करने और दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारी बनाने की साझा इच्छा को दर्शाती है। गौरतलब है कि यह मुलाकात भारत और इस्राइल के बीच रक्षा सहयोग को और नई ऊंचाई देने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है, जिससे आने वाले समय में तकनीकी साझेदारी और सुरक्षा सहयोग और सशक्त होंगे।