भारतीय-चीनी सेनाएं (फाइल फोटो)
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भारत और चीन के बीच लद्दाख में चल रहे सीमा विवाद पर चर्चा करने के लिए कोर कमांडर स्तरीय बैठक चल रही है। सोमवार सुबह 11.30 बजे शुरू हुई बैठक 10 घंटे से भी ज्यादा बीत जाने के बाद जारी है। यह बैठक चीन के हिस्से वाले चुसुल-मोल्डो बॉर्डर प्वाइंट पर हो रही है। इससे पहले छह जून को हुई बैठक भी यहीं आयोजित की गई थी।
भारत की ओर से 14 कॉर्प्स कमांडर ले. जनरल हरिंदर सिह चीनी पक्ष के साथ बात कर रहे हैं। इससे पहले दोनों पक्षों के बीच ले. जनरल स्तर की बातचीत 6 जून को हुई थी जिसमें इस बात पर सहमति बनी थी कि दोनों पक्ष सभी संवेदनशील इलाकों से हट जाएंगे।
6 जून को हुई थी बातचीत
छह जून को दोनों पक्षों के बीच हुई कॉर्प्स कमांडर स्तर की वार्ता को लेकर विदेश मंत्रालय ने कहा था कि दोनों पक्ष स्थिति को सुलझाने और सीमा क्षेत्रों में शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए सैन्य और कूटनीतिक जुड़ाव जारी रखेंगे।
मंत्रालय ने कहा था कि दोनों पक्ष विभिन्न द्विपक्षीय समझौतों के अनुसार सीमावर्ती क्षेत्रों में शांतिपूर्वक हल करने के लिए सहमत हुए और नेताओं के बीच द्विपक्षीय संबंधों को ध्यान में रखते हुए भारत-चीन सीमा क्षेत्रों में शांति और स्थिरता समग्र विकास के लिए आवश्यक है।
हालांकि, इसके बाद भी दोनों देशों के बीच सीमा विवाद जारी रहा और 15 जून की दरमियानी रात भारत और चीन के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया। लद्दाख की गलवां घाटी में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई, जिसमें सेना के 20 जवान शहीद हो गए। शहीद हुए जवानों में कर्नल रैंक के एक अधिकारी भी शामिल थे।
वहीं, आधिकारिक सूत्रों ने अमेरिकी खुफिया रिपोर्टों के हवाले से बताया कि भारतीय सेना के साथ हिंसक झड़प में चीनी सेना के 35 जवान हताहत हुए। हालांकि, चीन ने झड़प में पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के हताहत हुए जवानों के बारे में कोई जानकारी नहीं दी।