पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर करीब नौ महीने से चले आ रहे गतिरोध के बीच भारत और चीन नौवें दौर की सैन्य वार्ता में आमने-सामने वाली जगहों से सैनिकों को जल्द हटाने पर सहमत हो गए हैं। दोनों देश पूर्वी लद्दाख में हालात को स्थिर और नियंत्रण में रखने के लिए प्रभावी कोशिश जारी रखेंगे। साथ ही दोनों पक्ष 10वें दौर की कोर कमांडर स्तर की बातचीत जल्द किए जाने पर भी राजी हुए हैं।
रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि नौवें दौर की बातचीत सकारात्मक, व्यावहारिक और रचनात्मक माहौल में हुई, जिससे आपसी भरोसा और समझ बढ़ी। दोनों पक्ष अग्रिम मोर्चे पर तैनात सैनिकों को संयम बरतने और एलएसी से सटे इलाकों में स्थिति नियंत्रण में रखने को सुनिश्चित करेंगे। इसके अलावा, बातचीत में दोनों देशों के नेताओं के बीच बनी सहमतियों के अनुसार ही चलने पर सहमति जताई गई है।
बातचीत के माहौल को अच्छा बनाए रखने और समझौतों के पालन पर भी जोर दिया गया। सूत्रों ने कहा, दोनों पक्षों ने बातचीत के दौरान पूर्वी लद्दाख में सभी गतिरोध वाली जगहों से सैनिकों को हटाने के तौर-तरीकों पर व्यापक चर्चा की।
अप्रैल से पहले वाली स्थिति बहाल करने पर जोर देता रहा है भारत
बातचीत के लिए भारत की ओर से लेह स्थित 14वीं कोर कमांडर के लेफ्टिनेंट पीजीके मेनन और चीनी पक्ष की ओर से पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के दक्षिणी शिनजियांग सैन्य जिले के कमांडर मेजर जनरल लियु लिन ने कमान संभाली। सैन्य वार्ताओं में भारत शुरू से ही बीते साल अप्रैल से पहले वाली स्थिति बहाल करने पर जोर देता रहा है। दोनों देशों के सैनिकों के बीच पांच मई को झड़प हुई थी