भारत और अमेरिका ने बिना नाम लिए पाकिस्तान को सख्त संदेश देते हुए 26/11 मुंबई व पठानकोट हमले की फिर निंदा की और इसके दोषियों को न्याय के कठघरे में लाने का आह्वान किया। विदेश और रक्षा मंत्री स्तर की टू प्लस टू वार्ता के बाद जारी संयुक्त बयान में दोनों देशों ने आतंकवाद व हिंसक उग्रवाद, आतंकी समूहों के इस्तेमाल और इन समूहों को सैन्य, वित्तीय या अन्य किसी भी समर्थन की निंदा की। वार्ता में भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन व रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन शामिल हुए।
भारत-अमेरिका के बीच वार्ता में सैन्य बख्तरबंद वाहन के सह उत्पादन पर भी सहमति बनी। इसकी घोषणा ऑस्टिन ने की। ऑस्टिन ने यह भी कहा, भारत के अमेरिका से 31 एमक्यू-9बी ड्रोन खरीदने की घोषणा सही समय पर की जाएगी। उन्होंने कहा, सरकार के अधिकारी यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कोशिश कर रहे हैं कि भारत को वह क्षमता जल्द से जल्द मिल जाए। दोनों देशों के मंत्रियों ने भारत में जीई एफ-414 जेट इंजन के निर्माण के लिए जनरल इलेक्ट्रिक (जीई) एयरोस्पेस और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लि. (एचएएल) के बीच वाणिज्यिक समझौते के लिए बातचीत शुरू होने की सराहना की।
पीएम मोदी बोले- भारत-अमेरिकी साझेदारी वैश्विक भलाई की ताकत
आतंकवाद के खिलाफ इस्राइल के साथ
भारत-अमेरिका ने दोहराया, हमास की ओर से इस्राइल पर भयानक आतंकी हमले के मद्देनजर, आतंकवाद के खिलाफ वे इस्राइल के साथ खड़े हैं। बैठक में हिंद प्रशांत में चीन की बढ़ती सैन्य ताकत से उत्पन्न हालात के अलावा रक्षा उत्पादन, अहम खनिजों व उच्च प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में जुड़ाव बढ़ाने जैसे विषयों पर व्यापक चर्चा हुई। बैठक में भारत ने कनाडा में खालिस्तानी आतंकियों को मिल रहे समर्थन व इस बारे में अपना पक्ष अमेरिका के सामने मजबूती से रखा।
बहुपक्षीय सहयोग और ग्लोबल साउथ की प्रतिबद्धता को दोहराया : जयशंकर
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर कहा, हमने हिंद-प्रशांत, दक्षिण एशिया, पश्चिम एशिया व यूक्रेन संघर्ष पर दृष्टिकोण साझा किए। भारत ने बहुपक्षीय क्षेत्र में सहयोग व ग्लोबल साउथ को शामिल करने के प्रति प्रतिबद्धता को दोहराया। यह वार्ता पीएम नरेंद्र मोदी व अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने का एक अवसर थी।
कनाडा में खालिस्तानी गतिविधियों पर चिंता
विदेश सचिव विनय क्वात्रा ने कहा, बैठक में भारत ने कनाडा में खालिस्तानी गतिविधियों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा, मूल्य, आपूर्ति शृंखला प्रतिभूतिकरण, अंतरिक्ष साझेदारी और आतंकवाद से निपटने की दिशा में किए साझा प्रयास द्विपक्षीय संबंधों का हिस्सा हैं।
20वीं बैठक अगले साल
मंत्रियों ने आतंकवाद से मुकाबले पर भारत-अमेरिका संयुक्त कार्य समूह की 20वीं बैठक और पांचवीं पदनाम वार्ता अगले साल की शुरुआत में बुलाने का फैसला किया। दोनों पक्ष 2024 में होमलैंड सुरक्षा वार्ता के अगले संस्करण की प्रतीक्षा कर रहे हैं, जहां नेता सुरक्षा सहयोग को आगे बढ़ाएंगे।