म्यांमार में आए विनाशकारी भूकंप के चलते अबतक तीन हजार से ज्यादा लोगों ने अपनी जान गवां दी है। भारत ने एक अच्छे पड़ोसी होने के नाते म्यांमार के मदद के लिए ऑपरेशन ब्रह्मा चलाया है। इसके तहत म्यांमार में भारत की सेना ने अस्पताल स्थापित किया है।
म्यांमार में 28 मार्च को आए 7.7 तीव्रता के शक्तिशाली भूंकप ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। इस आपदा के कारण मरने वालों की संख्या तीन हजार से अधिक और घायलों की संख्या चार हजार पहुंच गई है। भूकंप प्रभावित देश की मदद के लिए भारत ऑपरेशन ब्रह्मा चला रहा है। भारत ने एक बार फिर भूकंप का दंश झेल रहे म्यांमार की मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाए हैं।
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भारत ने म्यांमार में तैनात भारतीय सेना के फील्ड अस्पताल के लिए 31 टन मानवीय सहायता भेजी है। एक अधिकारी ने बताया कि गाजियाबाद के हिंडन एयरफोर्स स्टेशन से एक सी-17 ग्लोबमास्टर हेवी-लिफ्ट विमान सहायता लेकर रवाना हुआ। वहीं नौसेना का आईएनएस घड़ियाल भी 442 टन राहत सामग्री लेकर यांगून पहुंचा।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने एक्स पर लिखा कि ऑपरेशन ब्रह्मा के तहत सी-17 विमान भारतीय सेना के फील्ड अस्पताल इकाई के लिए पुनःपूर्ति भंडार सहित 31 टन मानवीय सहायता लेकर मांडले के लिए रवाना हुआ। भारत ने 28 मार्च को म्यांमार और थाईलैंड में आए भूकंप से हुई तबाही के बाद मदद के लिए ऑपरेशन ब्रह्मा नाम से राहत मिशन शुरू किया था।
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ऑपरेशन ब्रह्मा के तहत फील्ड अस्पताल म्यांमार में अपना मानवीय मिशन जारी रख रहा है। 118 कर्मियों वाली अस्पताल इकाई को भारतीय वायुसेना के दो सी-17 हैवी-लिफ्ट विमानों का उपयोग करके म्यांमार में तैनात किया गया था। फील्ड अस्पताल भारतीय सेना ने मांडले में स्थापित किया है।
नौसेना का जहाज भी मदद लेकर पहुंचा
भारतीय नौसेना के एक प्रवक्ता ने कहा कि 405 टन चावल सहित 442 टन राहत सामग्री के साथ आईएनएस घड़ियाल शनिवार तड़के यांगून पहुंचा। सेना के प्रवक्ता ने बताया कि हिंद महासागर क्षेत्र में प्रथम प्रतिक्रियाकर्ता के रूप में भारतीय नौसेना के जहाजों द्वारा 512 टन से अधिक राहत सामग्री को जुटाना और म्यांमार में प्रभावित लोगों को सहायता प्रदान करना नौसेना के दृढ़ संकल्प का प्रमाण है।