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स्वतंत्र एजेंसी करेगी आईएल एंड एफएस मामले की जांच

Thu, 11 Oct 2018 04:25 AM IST
पीयूष पांडेय, नई दिल्ली
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हजारों करोड़ रुपये के कर्ज में डूबी कंपनी इंफ्रास्ट्रक्चर लीजिंग एंड फाइनेंशियल सर्विसेज (आईएल एंड एफएस) के मामले की जांच के लिए एक स्वतंत्र पेशेवर एजेंसी की नियुक्ति की जा सकती है। साथ ही, कंपनी के नए बोर्ड को निदेशकों की नियुक्त करने की मंजूरी मिल गई है। यह जानकारी एक वरिष्ठ अधिकारी ने दी।

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अधिकारी ने बताया कि कंपनी का नया बोर्ड सरकार के पर्यवेक्षण में काम करेगा। उन्होंने कहा कि एसएफआईओ की जांच से अभी तक जो जानकारी मिली है, उसके आधार पर इस मामले में धोखाधड़ी या घोटाले की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है। सूत्रों के मुताबिक, बुधवार को उद्योगपति उदय कोटक कॉरपोरेट मंत्रालय के उच्च अधिकारी से इस मामले को लेकर मिले थे।  

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सरकार करेगी बोर्ड के फैसलों की समीक्षा

वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, सरकार नए बोर्ड के फैसलों की समीक्षा करेगी। कॉरपोरेट मंत्रालय इस मुद्दे पर लगातार नजर बनाए हुए है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नए बोर्ड को काफी कठिन और चुनौतीपूर्ण फैसले लेने होंगे, जिससे विवाद और वाद प्रक्रिया शुरू हो सकती है। 

अधिकारी ने स्पष्ट किया कि आईएल एंड एफएस से जुड़े वित्तीय संकट के बारे में अभी सरकार को आंशिक जानकारी मिल रही है। सरकार को विशेषज्ञों और एजेंसियों के जरिये मिलने वाली ठोस तथा पूरी सूचना का इंतजार है। इसकी वजह यह है कि एसएफआईओ ने अपनी प्राथमिक जांच में विभिन्न संभावनाएं जताई हैं। 

ऐसे में सरकार इसे वित्तीय अनियमितता और कुप्रबंधन का मामला मानकर चल रही है। अधिकारी ने कहा कि नए बोर्ड ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण समेत अन्य कंपनियों से बातचीत शुरू कर दी है। सरकार इसमें सहायक भूमिका निभाने की कोशिश कर रही है। 
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बोर्ड की एनएचएआई से बातचीत शुरू 

अधिकारी ने कहा कि नए बोर्ड ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण सहित अन्य कंपनियों से बातचीत शुरू कर दी है। सरकार इसमें सहायक भूमिका निभाने की कोशिश कर रही है। उल्लेखनीय है कि आईएलएंडएफएस के लिए गठित नया बोर्ड अगली बैठक 15 अक्तूबर से पहले कर सकता है। अभी तक की जानकारी और जांच के अनुसार नया बोर्ड एक स्वतंत्र जांच एजेंसी की नियुक्ति की मांग करेगा। इस मामले में ऑडिटिंग एवं फॉरेंसिक जांच के लिए एक स्वतंत्र एजेंसी की नियुक्ति की जा सकती है। 
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