3. चंद्रशेखर आजाद: चंद्रशेखर आजाद का जन्म 23 जुलाई 1906 को मध्य प्रदेश के अलीराजपुर स्थित भाबरा में हुआ था। इनका पूरा नाम चंद्रशेखर तिवारी था। लोग इन्हें आजाद कहकर भी बुलाते थे। पिता का नाम सीताराम तिवारी और मां का नाम जाग्रानी देवी था। 14 साल की उम्र में मध्य प्रदेश से आजाद बनारस आ गए। यहां एक संस्कृत पाठशाला में पढ़ाई की। यहीं पर उन्होंने कानून भंग आंदोलन में योगदान भी दिया था।
1920-21 में आजाद गांधीजी के असहयोग आंदोलन से जुड़े। बाद में क्रांतिकारी फैसले खुद से लिए। 1926 में काकोरी ट्रेन कांड, फिर वाइसराय की ट्रेन को उड़ाने का प्रयास, 1928 में लाला लाजपत राय की मौत का बदला लेने के लिए सॉन्डर्स पर गोलीबारी की।
आजाद ने ही हिंदुस्तान समाजवादी प्रजातंत्र सभा का गठन भी किया था। जब वे जेल गए थे वहां पर उन्होंने अपना नाम 'आजाद', पिता का नाम 'स्वतंत्रता' और 'जेल' को उनका निवास बताया था। 27 फरवरी 1931 को वह प्रयागराज के अल्फ्रेड पार्क में अपने क्रांतिकारी साथी से बातें कर रहे थे। इसी दौरान सीआईडी का एसएसपी नॉट बाबर जीप से आ पहुंचा। उसके साथ भारी संख्या में पुलिस फोर्स थी। किसी ने चंद्रशेखर आजाद की मुखबिरी कर दी थी।
चारों तरफ से आजाद को घेर लिया गया था। तब आजाद ने गोली चलाई। इसमें तीन पुलिसकर्मी मारे गए थे। जब आजाद के पास सिर्फ एक गोली बची तो उन्होंने अंग्रेजों के हाथों मरने की बजाय खुद से मौत को गले लगाना ठीक समझा। आजाद ने खुद को गोली मार ली और शहीद हो गए। जब वह शहीद हुए तब उनकी उम्र 25 साल थी।