अंग्रेज दूसरे विश्वयुद्ध तक भारतीय सेना में सैनिक संख्या 25 लाख पहुंचा चुके थे। युद्ध खत्म हुआ तो अधिकतर की सेवाएं खत्म कर दी। देश का बंटवारा हुआ तो सेना भी धार्मिक आधार पर बांटी गई।
पुलिस क्षमता बढ़ाई
सैन्य बजट बढ़ाया
वैश्विक शांति में योगदान, तो सर्जिकल स्ट्राइक भी
भारतीय सेना यूएन शांति मिशन में सैनिक भेजने में द्वितीय है। यूएन के 10 मिशन में साढ़े सात हजार भारतीय सैनिक विश्व की शांति कायम रखने में मदद कर रहे हैं। वहीं, 28-29 सितंबर 2016 को पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर सर्जिकल स्ट्राइक करके भारत ने दर्शाया कि देश के दुश्मन को सीमा पार घुसकर भी मारा जाएगा।
नौसेना हुई मजबूत
कोई दुश्मन हमारी मिसाइलों से दूर नहीं
सैन्य क्षमता मापने के लिए मिसाइलों को सबसे अहम माना जाता है। भारत द्वारा विकसित मिसाइलें अपने दुश्मन देशों पर हमला करने की पूरी क्षमता देती हैं। सर्विस में शामिल अग्नि-5 की मारक क्षमता आधिकारिक तौर पर 5.5 हजार और अनौपचारिक तौर पर करीब 8 हजार किमी मानी जाती है।