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जो लौटकर घर न आए: शहीद कर्नल आशुतोष की बेमिसाल बहादुरी को याद कर रहा देश

Sat, 15 Aug 2020 05:20 AM IST
अनवर अंसारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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हंदवाड़ा मुठभेड़ में शहीद कर्नल आशुतोष - फोटो : साकिब नबी
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देश 15 अगस्त को आजादी का जश्न मनाएगा। इस साल भारत को अंग्रेजों से आजादी मिले 74 साल पूरे हो रहे हैं। कोरोना वायरस महामारी के चलते इस साल देशभर में स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रमों का दायरा छोटा रहेगा, लेकिन इसका असर देशवासियों के उत्साह पर नहीं पड़ने वाला है। 

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देशभर में लोग आजादी के मौके पर उन वीर जवानों की शहादत को याद कर रहे हैं, जिनके बदौलत आज भारत एक आजाद देश है। साथ ही उन बहादुर सैनिकों को भी याद किया जा रहा है, जिन्होंने इस वर्ष सीमा की रक्षा और आतंकियों से लड़ते हुए अपने प्राणों की आहुति दी। 

इस वर्ष तीन मई को जम्मू कश्मीर के हंदवाड़ा में आतंकियों के खिलाफ अभियान में कर्नल और मेजर समेत भारतीय सेना के पांच जवान शहीद हो गए। इसके अलावा, इस आतंक-रोधी अभियान के दौरान जम्मू कश्मीर पुलिस का एक जवान भी शहीद हो गया। 
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इस घटना के बाद देशभर में लोग पाकिस्तान के खिलाफ आक्रोशित हो गए, प्रमुख शहरों में पाकिस्तान के खिलाफ नारेबाजी की गई। जिन आतंकियों का सफाया करने के लिए टीम हंदवाड़ा पहुंची थी, उन्हें पाकिस्तान द्वारा भारत में दहशतगर्दी फैलाने के लिए समर्थन दिया गया था। 

यह भी पढ़ें: जो लौटकर घर न आए: सीमा पर गए भारत मां के लाल गलवां घाटी में हुए शहीद, देश कर रहा याद 

दरअसल, जम्मू कश्मीर में कुपवाड़ा जिले के हंदवाड़ा में आतंकियों के मौजूद होने की सूचना मिली। साथ ही यह भी जानकारी मिली कि आतंकी एक घर में लोगों को बंधक बनाए हुए हैं। आनन-फानन में सुरक्षाबलों की संयुक्त टीम ने इलाके की घेराबंदी करनी शुरू कर दी। 

सेना ने दो आतंकवादियों का सफाया कर दिया। लेकिन इस दौरान दो सेना अधिकारी, सेना के दो जवान और जेके पुलिस के एक सब इंस्पेक्टर शहीद हो गए। इन्हीं शहीदों में एक थे कर्नल आशुतोष शर्मा जिन्हें 2019 में सेना मेडल से सम्मानित किया गया था।  

कर्नल आशुतोष शर्मा आतंकियों के खिलाफ हंदवाड़ा में ऑपरेशन को लीड कर रहे थे। शहीद कर्नल आशुतोष इससे पहले भी ऐसे कई ऑपरेशन लीड कर चुके थे। उन्हें वीरता के लिए दो गैलेंट्री अवॉर्ड भी मिल चुके थे।
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कमांडिंग ऑफिसर कर्नल आशुतोष शर्मा, 21-राष्ट्रीय राइफल्स की कमान संभाल रहे थे। 21-राष्ट्रीय राइफल्स हंदवाड़ा इलाके में सुरक्षा करती है। शहीद आशुतोष पिछले पांच सालों में आतंकियों के साथ मुठभेड़ में अपनी जान गंवाने वाले कर्नल रैंक के पहले कमांडिंग अफसर थे। 
 

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