सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रत्यक्ष कर विभाग द्वारा घोषित विलफुल डिफॉल्टरों के खिलाफ ही आयकर विभाग की कार्रवाई होगी। इससे एक दिन पहले खबर आई थी कि जान-बूझ कर बैंक का कर्ज नहीं चुकाने वालों की गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए पैन नंबर ब्लॉक करने, रसोई गैस सब्सिडी बंद कराने जैसे उपायों पर आय कर विभाग अमल करेगा।
केन्द्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बुधवार को स्पष्ट किया कि आयकर विभाग के लिए विलफुल डिफॉल्टर का अर्थ उनके द्वारा घोषित डिफॉल्टरों से है। उनके खिलाफ ही आयकर विभाग कार्रवाई करेगा। उनके मुताबिक अभी ऐसे डिफॉल्टरों की संख्या करीब 63 है।
आयकर विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि विभाग ने 30 दिसंबर 2015 को 18 डिफॉल्टरों की तीसरी सूची सार्वजनिक की थी। इसके पहले कर नहीं चुकाने वाले 31 लोगों की सूची अगस्त में जारी की थी। उससे पहले 18 लोगों के नाम सार्वजनिक किए गए थे।
इस हिसाब से 67 नाम होते हैं। उनके मुताबिक आयकर विभाग ने पहले डिफॉल्टरों के नाम जाहिर कर शर्मिंदा करने की नीति अपनाई थी, ताकि वे बकाया जमा करने पर सामाजिक रूप से मजबूर हों। लेकिन अब उनके खिलाफ पैन नंबर ब्लॉक करने एवं दूसरी कार्रवाई भी होगी।