ओडिशा स्थित रियल एस्टेट प्रमुख डीएन समूह से जुड़े 20 स्थानों पर आयकर विभाग के अधिकारियों ने छापेमारी की। समूह पर कर चोरी के आरोप में गुरुवार को लगातार दूसरे दिन छापेमारी जारी रही। हालांकि इस मामले पर कंपनी और आईटी विभाग दोनों की तरफ से कोई बयान सामने नहीं है लेकिन सूत्रों ने बताया कि अब तक नौ करोड़ रुपये की जब्ती हुई है।
सूत्रों ने जानकारी दी कि भुवनेश्वर के आईआरसी विलेज में कंपनी के निदेशक, कर्मचारियों और कार्यालय के आवासों पर छापेमारी जारी रही और यूनिट-4 में एक कर्मचारी के घर से कथित तौर पर लगभग नौ करोड़ रुपये की पर्याप्त मात्रा में नकदी जब्त की गई। आईटी अधिकारियों ने गुरुवार को डीएन ग्रुप के एक कर्मचारी को आगे की पूछताछ के लिए ले लिया, जिसके पास से नकदी जब्त की गई थी।
टीम ने तलाशी के दौरान कंपनी के कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज भी जब्त किए, सूत्रों ने कहा कि आईटी अधिकारियों को कंपनी द्वारा लगभग 105 करोड़ रुपये के लेनदेन का पता चला। डीएन ग्रुप के एक अधिकारी ने पीटीआई से संपर्क करने पर कहा कि आईटी विभाग द्वारा की गई जब्ती के बारे में हमारे पास कोई जानकारी नहीं है।
कंपनी छापेमारी पूरी होने तक कोई प्रतिक्रिया नहीं देगी। डीएन समूह कई आवास परियोजनाओं, मॉल, आतिथ्य और अन्य क्षेत्रों में काम करता है। इस बीच, आईटी छापों के कारण राजनीतिक खींचतान शुरू हो गई और विपक्षी भाजपा और कांग्रेस ने मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ बीजद पर निशाना साधा। डीएन ग्रुप के प्रमुख जेपी नायक इस साल की शुरुआत में मुख्यमंत्री के साथ उनके जापान दौरे पर गए थे।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विधायक एसएस सलूजा ने आरोप लगाया कि डीएन ग्रुप में सत्ताधारी पार्टी के कई नेताओं का निवेश है, जिसके लिए कंपनी को संरक्षण मिल रहा है। सलूजा ने कहा कि लोगों को यह जानने का अधिकार है कि डीएन ग्रुप में किसका पैसा लगा है।