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लालू एंड फैमिली की 165 करोड़ की संपत्तियां जब्त करने का आदेश

Mon, 11 Sep 2017 10:22 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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फाइल फोटो - फोटो : PTI
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आयकर विभाग ने राजद प्रमुख लालू प्रसाद और उनके परिवार की दिल्ली और पटना की दर्जनों संपत्तियों को जब्त करने का आदेश जारी किया है।
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बेनामी सौदे की जांच से जुड़ीं इन संपत्तियों का बाजार भाव तकरीबन 165-170 करोड़ रुपये बताया जा रहा है। बेनामी संपत्ति की जांच कर रहे अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में एबी एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ भी आदेश जारी किया गया है जिसकी अचल संपत्ति पर लालू परिवार का मालिकाना हक बताया जा रहा है। 

आईटी अधिकारियों के मुताबिक, एबी एक्सपोर्ट्स के नाम से दक्षिण दिल्ली स्थित न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी में एक कोठी है। बेनामी लेनदेन (निरोधक) कानून, 2016 के तहत आईटी विभाग ने इससे पहले जून में इन संपत्तियों को अटैच करने का आदेश जारी किया था लेकिन अब उनके फाइनल अटैचमेंट (जब्ती) का आदेश जारी किया गया है।
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इसी तरह जून में लालू, तेजस्वी यादव, चंदा, रागिनी यादव और मीसा भारती तथा शैलेश कुमार की जिन अन्य संपत्तियों को अटैच किया गया था, उन सभी को जब्त करने का आदेश दिया गया है। जब्त की जाने वाली संपत्ति में फुलवारीशरीफ में बन रहे मॉल से जुड़ी जमीन भी है।

ये संपत्तियां होंगी जब्त 
दिल्ली और बिहार के तकरीबन एक दर्जन भूखंड, बिजवासन का फार्म हाउस, पालम विहार (दिल्ली) का भूखंड, न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी की कोठी, पटना के फुलवारीशरीफ में 256.75 डेसिमल के नौ भूखंड। 

180 करोड़ है बाजार मूल्य
जिन बेनामी संपत्तियों को जब्त करने का आदेश दिया गया है उनकी डीड वैल्यू लगभग 9.32 करोड़ लेकिन बाजार मूल्य 170 से 180 करोड़ रुपये है। 
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लालू और तेजस्वी को नया समन जारी करेगी सीबीआई

lalu prasad yadav
वहीं आईआरसीटीसी के दो होटलों के देखभाल की जिम्मेदारी एक निजी फर्म को दिए जाने के क्रम में हुई कथित अनियमितताओं के मामले में पूर्व केंद्रीय मंत्री लालू प्रसाद यादव सोमवार को और उनके पुत्र तेजस्वी यादव मंगलवार को सीबीआई के समक्ष पेश नहीं होंगे।

सूत्रों ने बताया कि लालू ने रांची की अदालत में अपने खिलाफ चल रहे मुकदमे की सुनवाई के कारण जबकि तेजस्वी ने अपने पूर्व-निर्धारित राजनीतिक कार्यों की वजह से सीबीआई द्वारा तय तारीख पर उपस्थित होने में असमर्थता जताई है। सीबीआई ने लालू को 11 सितंबर जबकि तेजस्वी को 12 सितंबर को उपस्थित होने का समन भेजा था। एजेंसी के एक अधिकारी ने सोमवार को कहा, ‘हम ताजा समन की नई तारीख तय करेंगे।’

सीबीआई सूत्रों ने बताया कि राजद प्रमुख को पूछताछ के लिए सोमवार को जबकि तेजस्वी को मंगलवार को (12 सितंबर) सीबीआई मुख्यालय में उपस्थित होना था।
आरोप है कि रेल मंत्री रहते हुए लालू प्रसाद यादव ने रेलवे के दो होटलों बीएनआर रांची और पुरी के देखभाल की जिम्मेदारी विनय और विजय कोचर के मालिकाना हक वाली कंपनी सुजाता होटल को सौंपी और इसके बदले लालू ने एक बेनामी कंपनी के जरिए तीन एकड़ महंगी जमीन प्राप्त की।

प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि लालू ने अवैध तरीके से कोचर बंधुओं को लाभ पहुंचाने के लिए रेल मंत्री के अपने पद का दुरुपयोग किया और इसके बदले डिलाइट नामक बेनामी कंपनी के माध्यम से ‘महंगी जमीन’ ली। उन्होंने बेईमानी और फर्जीवाड़ा करके बीएनआर रांची और पुरी के देखभाल का जिम्मा कोचर बंधुओं को सौंपा।

सीबीआई ने इस संबंध में लालू, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, पुत्र तेजस्वी यादव और पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रेम चंद गुप्ता की पत्नी सरला गुप्ता के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। प्राथमिकी में अन्य आरोपी हैं सुजाता होटल के निदेशक और चाणक्य होटल के मालिक विजय कोचर और विनय कोचर, डिलाइट मार्केटिंग कंपनी और तत्कालीन प्रबंधक निदेशक पीके गोयल। डिलाइट का नाम बदलकर अब लारा प्रोजेक्ट्स हो गया है।
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