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ओडिशा: सहायक प्रोफेसर पर छात्राओं की निजी जानकारी मांगने का आरोप, वायरल ऑडियो में सीएम का नाम; क्या है मामला?

Tue, 13 Oct 2026 01:23 AM IST
निर्मल कांत पीटीआई, भुवनेश्वर।

सार

ओडिशा में छात्र संघ चुनाव से पहले वायरल ऑडियो ने सियासी विवाद खड़ा कर दिया है। ऑडियो में छात्राओं के घर के पते और फोन नंबर मांगने के आरोपों के बीच मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी का नाम भी सामने आया है। आखिर ऑडियो में क्या है और बीजद ने क्या कहा? पढ़िए इस रिपोर्ट में। 
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ओडिशा के सीएम मोहन चरण माझी - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
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ओडिशा में बीजू जनता दल (बीजद) ने सोमवार को एक विश्वविद्यालय के सहायक प्रोफेसर पर छात्राओं की निजी जानकारी मांगने के आरोपों की जांच कराने की मांग की। आरोप है कि शिक्षक ने एक अधिकारी से छात्राओं के घर का पता और फोन नंबर जैसी जानकारी मांगी थी। यह मामला 15 अक्तूबर को ओडिशा के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में होने वाले छात्र संघ चुनाव से पहले सामने आया है।
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एक वायरल ऑडियो क्लिप में कथित तौर पर सहायक प्रोफेसर को ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी का नाम लेते हुए सुना जा सकता है। आरोप है कि उन्होंने यहां स्थित रमा देवी महिला विश्वविद्यालय के अधिकारियों पर दबाव बनाने के लिए मुख्यमंत्री का नाम लिया। 

इस मामले पर बीजद ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की चुप्पी पर सवाल उठाए। वहीं, सत्तारूढ़ भाजपा ने आरोप लगाया कि विपक्षी दल आठ साल बाद हो रहे छात्र संघ चुनाव में दखल दे रहा है।
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बीजद ने क्या कहा?
बीजद के प्रवक्ता लेनिन मोहंती ने पत्रकारों से कहा कि रमा देवी महिला विश्वविद्यालय के सहायक प्रोफेसर ने छात्राओं के गोपनीय दस्तावेज जुटाने की कोशिश के दौरान मुख्यमंत्री का नाम लिया था। उन्होंने कहा कि यह गंभीर मामला है। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) और भाजपा को इस पर सफाई देनी चाहिए। 

लेनिन महांती और बीजू छात्र जनता दल (बीसीजेडी) की अध्यक्ष इप्सिता साहू ने यहां एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऑडियो क्लिप सुनाई। इसमें कथित तौर पर शिक्षक और एक अधिकारी के बीच फोन पर हुई बातचीत है। हालांकि, अमर उजाला इस ऑडियो की प्रामाणिकता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर सका।

दोनों नेताओं ने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि वायरल ऑडियो में मुख्यमंत्री का नाम लिया जा रहा है। रमा देवी महिला विश्वविद्यालय ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर का एकमात्र ऐसा विश्वविद्यालय है, जहां सिर्फ छात्राएं पढ़ती हैं।

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ऑडियो क्लिप के बारे में लेनिन मोहंती ने कहा कि इसमें एक सहायक प्रोफेसर को कनिष्ठ अधिकारियों से छात्राओं की कुछ जानकारियां देने के लिए कहते हुए सुना जा सकता है। इनमें उनके घर के पते और फोन नंबर भी शामिल हैं। मोहंती के मुताबिक, जब अधिकारी ने जानकारी देने में हिचकिचाहट दिखाई, तो उसे कथित तौर पर बताया गया कि मुख्यमंत्री चाहते हैं कि चुनाव में बीजद समर्थित उम्मीदवार जीतें।

मोहंती ने यह भी आरोप लगाया कि सहायक प्रोफेसर ने कहा कि रमा देवी विश्वविद्यालय के छात्र संघ चुनाव में बीजद को जिताने के लिए पैसे की कोई कमी नहीं है। बीजद नेताओं ने यह सवाल भी उठाया कि क्या इन चुनावों को वैध माना जा सकता है, जब कथित तौर पर पैसे खर्च किए जा रहे हैं। उनका आरोप है कि यह खर्च छात्र संघ चुनावों के लिए लिंगदोह आयोग के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करके किया जा रहा है।

इप्सिता साहू ने क्या आरोप लगाए?
इप्सिता साहू ने चुनाव में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियों का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री, मंत्री और विधायक छात्र संघ चुनाव में शामिल रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने दो साल तक चुनाव की तैयारियों में देरी की। इसके बाद अचानक केवल 10 दिनों के भीतर चुनाव कराने की घोषणा कर दी गई। बीजद की छात्र शाखा की अध्यक्ष ने सवाल किया, इतनी जल्दी चुनाव कराने की क्या जरूरत थी?

सरकार ने पांच अक्तूबर को घोषणा की थी कि कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में छात्र संघ चुनाव 15 अक्तूबर को कराए जाएंगे। साहू ने आरोप लगाया कि चुनाव के नतीजों को प्रभावित करने के लिए विश्वविद्यालय के अधिकारियों के सामने मुख्यमंत्री का नाम लिया जा रहा है।

विधानसभा में विपक्ष के उपनेता प्रसन्न आचार्य ने भी आरोप लगाया कि भाजपा सरकार की ओर से कॉलेजों के प्राचार्यों पर दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह दबाव छात्रों के एक खास समूह की जीत सुनिश्चित करने के लिए डाला जा रहा है।
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भाजपा विधायक ने आरोपों पर क्या कहा?
हालांकि, भाजपा विधायक अशोक मोहंती ने बीजद के आरोपों को खारिज कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी नेता परिसर में होने वाले छात्र संघ चुनाव में दखल दे रहे हैं। उन्होंने इसे अनैतिक बताया। अशोक मोहंती ने कहा कि छात्र संघ चुनाव में दखल देने वाले वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।

ओडिशा के उच्च शिक्षा विभाग के मुताबिक, राज्य के 347 कॉलेजों और 13 सरकारी विश्वविद्यालयों में कुल 6,649 छात्र चुनाव में हिस्सा लेने के पात्र हैं।
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