संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) के सम्मेलन में भारत ने एक बार फिर से पाकिस्तान पर निशाना साधा है। यूएन में भारत के स्थायी मिशन के प्रथम सचिव पवन कुमार बाधे ने पाकिस्तान को आतंकवादियों का गढ़ करार दिया है।
उन्होंने कहा कि पत्रकारिता के अभ्यास के लिए पाकिस्तान को सबसे खतरनाक देशों में से एक के रूप में सूचीबद्ध होने का संदिग्ध गौरव प्राप्त है। पत्रकारों को धमकाया जाता है,अपहरण कर लिया जाता है और कुछ मामलों में हत्या कर दी जाती है। इस तरह के वारदात केवल आलोचकों के मुंह बंद कराने के लिए किए जाते हैं।
बाधे ने कहा कि पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ अपने दुर्भावनापूर्ण प्रचार के लिए एक बार फिर इस मंच का जानबूझकर दुरुपयोग किया। उन्होंने कहा कि उसका मकसद अपने देश में मानव अधिकारों के गंभीर उल्लंघनों से परिषद का ध्यान हटाना है।
उन्होंने कहा कि पाक में जबरन धर्मांतरण रोज की बात हो गई है। हमने धार्मिक अल्पसंख्यकों की नाबालिग लड़कियों के अपहरण, बलात्कार, जबरन धर्म परिवर्तन और शादी की खबरें देखी हैं। पाकिस्तान में हर साल धार्मिक अल्पसंख्यकों की 1000 से ज्यादा लड़कियों का जबरन धर्म परिवर्तन कराया जाता है।