चार साल पहले हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (हुडा) जिस मैली को हटाकर ठेकेदार से 17 लाख रुपये लेने का टेंडर आवंटित किया था। विभागीय लोगों ने मिलीभगत कर उसी ठेकेदार को 36.85 लाख रुपये का भुगतान कर दिया। मजेदार बात यह है कि विभागीय जांच के बाद भी मामले को दबा दिया गया और मैली जस की तस पड़ी है।
शहर से बाहर सहकारी शुगर मिल थी। जिसे विस्थापित करके भिवानी रोड पर भाली के पास किया गया है। इस स्थान पर शुगर मिल से निकलने वाली मैली का ढेर बना हुआ है। उस स्थान को हुडा ने सेक्टर 21 की व्यवसायिक साइट के रूप में प्लान कर रखा है। जिसे हटाने के लिए हुडा संपदा अधिकारी ने चार साल पहले छह अप्रैल को भगवती इंटरप्राइजेज कंपनी को टेंडर आवंटित किया।
हुडा से हुए करार के मुताबिक उसे चार माह के भीतर मैली को हटाना था। इसके साथ ही फर्म की ओर से 10 प्रतिशत की अर्नेस्ट मनी 177500 रुपया मौके पर जमा कर दिया गया। बाकी 90 प्रतिशत का भुगतान हुडा एक्ट के हिसाब से 15 दिन के भीतर करना था। हुडा की ओर से ठेकेदार की ओर से तीन बोली लगाने वालों के बीच उसे काम दिया गया। संपदा विभाग की ओर से यह आवंटन तिलक नगर रोहतक के रहने वाले पवन कुमार को किया गया। काम का आवंटन होने के बाद ठेकेदार की ओर से काम नहीं किया गया। न ही 15 दिन के भीतर हुडा को 16 लाख रुपया जमा कराया गया।
HUDA ने तीन एकड़ जमीन पर अवैध रूप से बने मकानों व दुकानों को ढहाया