देश के सात बड़े शहरों में पिछले एक दशक के दौरान घर औसतन 38 प्रतिशत महंगे हुए हैं। संपत्ति सलाहकार एनारॉक ने यह जानकारी दी है। 2000 से 2009 के दौरान घरों के दाम औसतन 52 प्रतिशत बढ़े थे। एनारॉक ने शुक्रवार को कहा कि इससे पिछले दशक यानी 2000-2009 के दौरान घरों या फ्लैटों की औसत कीमत में 52 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। 2000 में यह 2,490 रुपये प्रति वर्ग फुट थी, जो 2009 में बढ़कर 3,784 रुपये प्रति वर्ग फुट हो गई।
मुंबई की एनारॉक एक प्रमुख संपत्ति सलाहकार कंपनी है। बीते वित्त वर्ष में कंपनी की आय 36 प्रतिशत बढ़कर 256 करोड़ रुपये पर पहुंच गई। पिछले दश में पुणे में घरों के दाम सबसे अधिक 67 प्रतिशत बढ़े। 2010 में जहां यह औसतन 3,300 रुपये प्रति वर्ग फुट था, वहीं जनवरी-मार्च, 2020 में यह बढ़कर 5,510 रुपये प्रति वर्ग फुट हो गया।
2002 से 2009 के दौरान पुणे में घर औसतन 52 प्रतिशत महंगे हुए थे। बंगलूरू में इस दौरान संपत्ति की औसतन कीमतों में 49 प्रतिशत की वृद्धि हुई। इस दौरान वहां घरों की कीमत 3,345 रुपये प्रति वर्ग फुट से 4,975 रुपये प्रति वर्ग फुट हो गई। हैदराबाद में यह 45 प्रतिशत बढ़कर 2,897 रुपये से 4,195 रुपये प्रति वर्ग फुट हो गई।