मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपी डीएचएफएल के प्रमोटर कपिल वधावन की जमानत रद्द करने की मांग को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को बॉम्बे हाई कोर्ट का रुख किया। कपिल वधावन पर जमानत शर्तों का उल्लंघन करने और कोरोनोवायरस लॉकडाउन के दौरान यात्रा करने का आरोप है। ऐसे में ईडी ने कपिल वधावन की जमानत रद्द करने की मांग की है।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की वकील पूर्णिमा कांठारिया ने हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति पीडी नाइक के सामने आवेदन का हवाला दिया, जिसके बाद अदालत ने तब वधावन को नोटिस जारी किया। वहीं, कोर्ट ने मामले को आगे की सुनवाई के लिए 23 अप्रैल को पोस्ट कर दिया।
यहां आपकी जानकारी के लिए बता दें कि दीवान हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड (डीएचएफएल) के 46 साल के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक कपिल वधावन को ईडी ने गिरफ्तार किया था। ईडी ने इस साल 27 जनवरी को कपिल वधावन को गैंगस्टर इकबाल के साथ उनके संदिग्ध व्यवहार के लिए गिरफ्तार किया था।
बता दें कि गैंगस्टर इकबाल की 2013 में मौत हो गई थी और प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट IPMLA के प्रावधानों के तहत उसपर मुकदमा दर्ज किया गया था। इससे पहले कपिल वधावन को 21 फरवरी को मुंबई की एक विशेष पीएमएलए अदालत ने जमानत दी थी।