यूपी के मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनने का मंसूबा पालने वाले भाजपा नेताओं को झटका लगा है। अभी उन्हें लंबा इंतजार करना पड़ेगा। पार्टी ने स्पष्ट रूप से कहा है कि राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा नहीं होगी। जबकि कार्यसमिति बैठक से पहले नेताओं के समर्थकों ने पोस्टरवार के जरिए दावेदारी की चर्चाओं को गरमा दिया है। यूपी के मुख्यमंत्री उ मीदवार की चर्चा के सवाल पर राष्ट्रीय महासचिव अरूण सिंह ने कहा है कि राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक में किसी एक राज्य के मामले की चर्चा नहीं होती। इस मामले पर संसदीय बोर्ड निर्णय करता है।
वहीं शहर में नेताओं की दावेदारी के समर्थन में लगे होर्डिंग और पोस्टर के सवाल पर महासचिव भूपेंद्र यादव ने कहा है कि कार्यकर्ताओं में उत्साह है। उत्साह में ऐसे पोस्टर-होर्डिंग लगते रहते हैं। इससे माहौल का पता चलता है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष केशव मौर्य ने कहा है कि इसतरह के पोस्टर नेताओं के स्वागत में लगाए जाते हैं। लेकिन पोस्टर के आधार पर मु्ख्यमंत्री तय नहीं होते हैं। बैठक के विषयों की जानकारी देते हुए यादव ने कहा कि बडे़ और राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा होगी। पीएम मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने दो वर्ष पूरे किए हैं। बैठक में सरकार के दो साल की उपलब्धियों पर चर्चा होगी।
राष्ट्रीय कार्यसमिति बैठक में पार्टी की ओर से तीन प्रस्ताव परारत किए जाएंगे। जिनमें केंद्र सरकार की उपलब्धियों के साथ-साथ मोदी के सफल विदेश दौरों का गुणगान होगा। भूपेंद्र यादव ने कहा कि बैठक में राजनीतिक और आर्थिक प्रस्ताव के अलावा पीएम मोदी की हाल के पांच देशों की सफल विदेश यात्रा पर भी एक प्रस्ताव परारत किया जाएगा।
चेहरे के ऐलान से क्यों दूरी बना रही है भाजपा
मुख्यमंत्री पद के उ मीदवार के ऐलान से भाजपा की दूरी बरतना मजबूरी है। लोकसभा चुनाव 2019 के मद्देनजर यूपी विधानसभा चुनाव के परिणाम भाजपा के लिए अहम हैं। यहां की 80 सीटों में से गठबंधन के साथ उसका 73 पर कब्जा है। अगली बार भी मोदी को पीएम बनने के लिए यूपी से ज्यादा से ज्यादा जीत जरूरी है। इसलिए मोदी-शाह की जोड़ी जल्दबाजी में जोखिम लेने के मूड में नहीं है। चेहरे के चयन में वोट के गणित का पूरा ध्यान दिया जाएगा। केशव मौर्य को अध्यक्ष बनाए जाने के बाद किसी ब्राहण नेता को चेहरा बनाने की संभावना ज्यादा है।
नेहरू की नगरी में छाए भाजपा के गांधी
देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के शहर के रूप में पहचाने जाने वाले इलाहाबाद में भाजपा की राष्ट्रीय कार्यसमिति बैठक पहली दफे आयोजित हो रही है। पार्टी का विचार बेशक नेहरू के विचार से अलग है। मगर नेहरू के इस शहर में भाजपा के गांधी छाए हुए हैं। वरूण गांधी के होर्डिंग-पोस्टरों की संख्या खासी है। वरूण के पोस्टर में पीएम मोदी और अमित शाह की तस्वीरे भी हैं।
अपने पोस्टरों के जरिए उन्होंने प्रदेश की जनता से भाजपा की सरकार बनवाने और विधानसभा चुनाव में 265 सीटें देने की अपील की है। अन्य महत्वपूर्ण पोस्टरों में उदय भान करवरिया का पोस्टर है। अपने पोस्टर में उन्होंने पार्टी के अन्य नेताओं के साथ शत्रुघ्न सिंहा और संजय जोशी का फोटो भी लगाया है। करवरिया के इस होर्डिग ने संजय जोशी को कार्यसमिति बैठक से पहले फिर चर्चा में ला दिया है। इससे पहले यूपी चुनाव के बाद 2012 की कार्यसमिति बैठक में उन्हें दल से बाहर करने का फरमान सुनाया गया था। अब यूपी चुनाव से पहले पोस्टर के जरिए वे फिर चर्चा में हैं।