महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस
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महाराष्ट्र मंत्रिमंडल ने मुख्यमंत्री कार्यालय को लोकायुक्त के अधिकार क्षेत्र में लाने का फैसला किया है । मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रिमंडल की बैठक में यह फैसला किया गया। बैठक के बाद संवाददाताओं से बात करते हुए राज्य के जल संसाधन मंत्री गिरीश महाजन ने बताया कि मुख्यमंत्री के अलावा मंत्री, विपक्षी नेता भी लोकायुक्त के दायरे में आएंगे। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार मुक्त शासन सुनिश्चित करने के लिए यह बहुत अच्छी पहल है।
राज्य में लोकायुक्त भ्रष्टाचार के आरोप लगने पर किसी भी मामले की जांच कर सकता है या करवा सकता है, अगर शिकायत या मामला भ्रष्टाचार से जुड़ा हुआ हो। महाराष्ट्र पहला ऐसा राज्य था, जिसने 1971 में लोकायुक्त और उप लोकायुक्त कानून के जरिए लोकायुक्त संस्था की शुरुआत की थी। एक अन्य फैसले में, मंत्रिपरिषद ने सीसीटीवी निगरानी परियोजना के तहत मुंबई में 323 करोड़ रूपये की लागत से अतिरिक्त 5625 सीसीटीवी कैमरा लगाने को मंजूरी दी ।