महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री मानते हैं कि क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) भ्रष्टाचार के अड्डे हैं। उन्होंने कहा कि कॉलेज के विद्यार्थियों का सबसे पहला सामना आरटीओ कार्यालय से ही होता है, क्योंकि दलालों को रिश्वत दिए बिना उनका काम नहीं होता। इसलिए सरकार ने कॉलेज में ही प्रिंसिपल के माध्यम से छात्रों को लर्निंग लाइसेंस देने का फैसला किया है।
शिवसेना नेता व महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री दिवाकर रावते ने मंगलवार को नागपुर में पत्रकारों से औपचारिक बातचीत में कहा कि भ्रष्टाचार पर नकेल कसने के लिए हमने यह खास योजना बनाई है। उन्होंने कहा कि छात्रों को लर्निंग लाइसेंस देने में आरटीओ के कर्मचारी कॉलेज के प्रिंसिपल की मदद करेंगे।
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रावते ने कहा कि भ्रष्टाचार को पूरी तरह रोक लगा पाना संभव नहीं है परंतु, हम इसे कम करने की कोशिश जरूर कर रहे हैं। उन्होंने नोटबंदी से आई दिक्कतों का जिक्र करते हुए कहा कि इसकी वजह से टेंडर प्रक्रिया प्रभावित हुई है। एक तरफ भाजपा नोटबंदी के फायदे गिना रही है वहीं, सत्ता में साझीदार शिवसेना के मंत्री इसके नुकसान का ढिंढोरा पीट रहे हैं।